PlayBreaking News

14 प्वाइंट्स की डील!ट्रंप-पेजेश्कियान की डील में क्या-क्या हुआ तय? होर्मुज से परमाणु कार्यक्रम तक कई बड़े मुद्दों पर बनी सहमति

अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों देशों के नेताओं के हस्ताक्षर के बाद सामने आए 14 सूत्रीय मसौदे में युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, परमाणु कार्यक्रम और पुनर्निर्माण जैसे कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। इसी दस्तावेज में पाकिस्तान के इस्लामाबाद का नाम भी चर्चा में है।
Follow on Google News
ट्रंप-पेजेश्कियान की डील में क्या-क्या हुआ तय? होर्मुज से परमाणु कार्यक्रम तक कई बड़े मुद्दों पर बनी सहमति
फाइल फोटो

तेहरान। लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद यह समझौता वैश्विक राजनीति का बड़ा विषय बन गया है। समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव कम करना, क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाना और कई विवादित मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खोलना बताया जा रहा है। दस्तावेज में होर्मुज जलडमरूमध्य, आर्थिक प्रतिबंध, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।

समझौते के बाद नई शुरुआत की उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से तनाव बना हुआ था। दोनों देशों के बीच लगातार टकराव और कूटनीतिक बयानबाजी के बीच यह समझौता सामने आया है। यह दस्तावेज दोनों पक्षों के बीच संवाद बढ़ाने और भविष्य में स्थायी समझौते का रास्ता तैयार करने की कोशिश है। समझौते के मसौदे को ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ नाम दिया गया है, जिसके कारण पाकिस्तान का नाम भी चर्चा में आया है। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत के लिए एक ढांचा तैयार करना बताया गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर सबसे ज्यादा फोकस

समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। समझौते के अनुसार इस मार्ग को फिर से सामान्य बनाने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो वैश्विक तेल बाजार को राहत मिल सकती है और समुद्री व्यापार भी सामान्य गति पकड़ सकता है।

ये भी पढ़ें: ट्रंप बोले- 'It's Signed'! अमेरिका-ईरान डील पर लगी मुहर, ट्रंप और पेजेश्कियान ने MoU पर किए साइन

प्रतिबंधों और आर्थिक सहयोग पर चर्चा

दस्तावेज में आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। समझौते के तहत प्रतिबंधों में राहत देने और ईरान की कुछ रुकी हुई आर्थिक संपत्तियों को जारी करने की प्रक्रिया पर चर्चा का रास्ता बनाया गया है। इसके साथ ही ईरान के आर्थिक विकास और पुनर्निर्माण के लिए बड़े निवेश की संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया है। माना जा रहा है कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।

परमाणु कार्यक्रम रहेगा अहम मुद्दा

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है। समझौते में इस विषय पर आगे बातचीत करने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के तहत समाधान तलाशने की बात कही गई है। दोनों पक्षों ने आने वाले 60 दिनों के भीतर इस विषय समेत कई अन्य मुद्दों पर विस्तृत वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है।

14 सूत्रीय समझौते के प्रमुख बिंदु

इस समझौते में कुल 14 अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। इनमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने, एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की बात कही गई है। इसके अलावा नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने पर भी सहमति बनी है। दस्तावेज में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग, परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता, 60 दिनों तक बातचीत जारी रखने, क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य तैनाती न बढ़ाने और समझौते की निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाने का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने और अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मंजूरी दिलाने का प्रस्ताव भी शामिल है।

ये भी पढ़ें: जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं... व्हाइट हाउस में मोदी का अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा, मोदी बोले- उम्मीद है ईरान के साथ डील में भारतीयों का ध्यान रखा जाएगा

डील के 14 पॉइंट्स

1. लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को स्थायी और तत्काल रूप से समाप्त किया जाए।
2. अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा और ईरान इस्लामी गणराज्य की संप्रभुता का सम्मान करेगा।
3. नौसैनिक नाकाबंदी को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से हटा दिया जाए।
4. अमेरिका द्वारा ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी सेनाओं को वापस बुलाया जाए।
5. ईरानी एग्रीमेंट के तहत 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज फिर से खोला जाए।
6. तेल सैंक्शन और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर लगे सैंक्शन हटाए जाएं।
7. अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के पुनर्निर्माण की कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना प्रस्तुत करेंगे। 
8. परमाणु मुद्दों और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्राइमरी और सेकेंडरी सैंक्शन को पूरी तरह हटाने के लिए 60 दिनों की बातचीत।
9. ईरान ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी नीति (NPT) के तहत परमाणु हथियार न बनाने की अपनी बात दोहराई है।
10. जब तक बातचीत चल रही है तब तक अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सेना न बढ़ाने की बात मानी है।
11. एग्रीमेंट को लागू करने के लिए सुपरवाइजरी मैकेनिज्म बनाई जाए।
12. जब तक ईरान पर लगे सैंक्शन और नेवल ब्लॉकेड हट नहीं जाते तब तक फाइनल समझौता नहीं होगा।
13. अंतिम वार्ता के 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज़ 24 अरब डॉलर के कोष को जारी किया जाए। इस राशि का आधा हिस्सा वार्ता शुरू होने से पहले ईरान को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
14. अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से अप्रूव किया जाएगा।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts