वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत-पाक युद्ध रुकवाने के लिए बोलते हुए नजर आए हैं। उन्होंने यह बातें 'बोर्ड ऑफ पीस' मीटिंग में कही है। उनका कहना है कि मैंने दोनों देशों से साफ कहा कि अगर युद्ध नहीं रूका तो मैं दोनों देशों से कोई डील नहीं करूंगा। इसके बाद ही दोनों देशों माने । उस समय हालात काफी खराब चल रहे थे। स्थिति ऐसी थी कि लगातार फाइटर जेट्स गिराए जा रहे थे।
गाजा 'बॉर्ड ऑफ पीस' में ट्रंप की वॉर पर दी गई यह स्पीच एक बार फिर सुर्खियों में रही। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि दोनों देश लड़ाई के मूड में थे और लगातार संघर्ष करना चाहते थे। लेकिन मैंने दोनों देशों के प्रधानमंत्री को साफ कह दिया कि अगर वे युद्ध नहीं रोकेंगे तो अमेरिका भविष्य में उनसे कोई भी डील नहीं करेगा। बस इसी बात के दबाव में आकर वे रूक गए, भारत और पाकिस्तान पर जाब बात नुकसान और बिजनेस डील की आई तो दोनों सतर्क भी हो गए।
दूसरी ओर ट्रंप का यह भी कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ के सामने यह बात स्वीकारी कि अमेरिकी हस्तक्षेप से ही भारत- पाकिस्तान के बीच युद्ध रूका है। आगे वे कहते हैं कि अगर वॉर नहीं रूकता तो दोनों देशों के करीब 2.5 लोगों की जानें जा सकती थी। साथ ही कई चीजें प्रभावित हो सकती थी।
वहीं चीन को लेकर ट्रंप ने कहा कि उनका राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बहुत अच्छा रिलेशन है। इस साल वह अप्रैल में चीन यात्रा पर जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब वे चीन गए थे तो राष्ट्रपति शी ने उनका दिलदारी से स्वागत किया था। वे कहते हैं कि उन्होंने एक ही कद के इतने सारे सैनिक नहीं देखें, मजाकिया लहजे में वे कहते हैं कि अगर सैनिक अपने हेलमेट उतारते तो उनके सिर पर बिलियर्ड खेला जा सकता था।
ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने गुरुवार को ऑब्जर्वर देश के तौर पर भाग लिया है। जहां भारत की तरफ से हिस्सा लेने के लिए भारतीय दूतावास में तैनात चार्ज द’अफेयर्स (सीनियर अधिकारी) नमग्या सी खम्पा ने शामिल हुए थे। भारत की ओर से अभी तक साफ नहीं हुआ कि वह बोर्ड का फुल टाइम मेंबर बनेगा या नहीं। इससे पहले भारत ने पिछले महीने दावोस में इसके लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था।