सुलतानपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। यह पेशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में थी, जिसे लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 2018 में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
राहुल गांधी ने अदालत में लगभग 20 मिनट तक समय बिताया और CrPC धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया। उनके वकील काशी शुक्ला के मुताबिक, राहुल ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि यह केस राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है।
कोर्ट में प्रवेश करते समय राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर जज को प्रणाम किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद वकीलों के अनुसार, उन्होंने अपने पक्ष को स्पष्ट किया और धन्यवाद भी कहा। सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा रखा गया था। डॉग स्क्वायड ने परिसर की पूरी तलाशी ली, जबकि एएसपी और चार सीओ सहित भारी पुलिस बल तैनात था। कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। भीड़ और सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी को मुख्य गेट के बजाय दूसरे गेट से बाहर निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए, लेकिन राहुल ने माला पहनाने से इनकार कर दिया।
कोर्ट में पेशी के बाद राहुल गांधी सीधे रामचेत मोची की दुकान पहुंचे। रामचेत मोची का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो चुका है। राहुल ने उनकी पोती श्रद्धा को गोद में लिया और उसके घायल पैर के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को बच्ची के इलाज की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
रामचेत मोची सुल्तानपुर के हाईवे किनारे जूते-चप्पल सिलने का काम करते थे। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी इसी मामले में पेशी पर आए थे और लौटते समय उनकी दुकान पर जूते सिलवाए थे। बाद में उन्होंने उन्हें एक लाख रुपए कीमत की जापानी सिलाई मशीन और 50 हजार रुपए कीमत का चार कार्टन सामान भेंट किया था।
यह मामला लगभग 8 साल पुराना है। घटनाक्रम इस प्रकार है-
अगस्त 2018: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कथित रूप से अमित शाह पर टिप्पणी की।
उसी साल 4 अगस्त: भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।
26 जुलाई 2024: राहुल गांधी ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बयान दर्ज कराया।
दिसंबर 2023: बार-बार समन के बावजूद पेश न होने पर गैर-जमानती वारंट जारी हुआ।
20 फरवरी 2024: राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और उन्हें 25,000 रुपए के मुचलकों पर जमानत मिली।
23 दिसंबर 2025: गवाह रामचंद्र दुबे की गवाही दर्ज की गई।
6 जनवरी 2026: कोर्ट में गवाह से जिरह (Cross-examination) पूरी हुई।
19 जनवरी 2026: कोर्ट ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया।
राहुल गांधी ने अदालत में कहा कि, सभी आरोप राजनीतिक साजिश के तहत लगाए गए हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया और इसे राजनीतिक दुर्भावना करार दिया।
राहुल गांधी पर धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज है।
धारा 499: झूठी अफवाह फैलाना और मानहानि करना।
धारा 500: मानहानि पर दंड।
इसमें दो साल तक की जेल का प्रावधान है।
हाथरस: कथित गैंगरेप केस, अगली सुनवाई 7 फरवरी 2026।
लखनऊ (सिटिजनशिप केस): रायबरेली से ट्रांसफर हुआ।
लखनऊ (सेना पर टिप्पणी): जमानत पर विचाराधीन।
वाराणसी: अमेरिका में सिखों पर भड़काऊ भाषण का मामला।
वादी भाजपा नेता विजय मिश्रा और गवाह रामचंद्र व अनिल मिश्रा कोर्ट में उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान सबूत के तौर पर यूट्यूब वीडियो और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पेश किए गए। वादी ने दावा किया कि, राहुल गांधी के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुईं और समाज में उनकी मानहानि हुई।
राहुल गांधी की पेशी के बाद अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 के लिए निर्धारित की गई है। इस दिन कोर्ट में वादी और बचाव पक्ष दोनों अपने-अपने सबूत और दलीलें पेश करेंगे। राहुल गांधी ने अदालत में सभी आरोपों का स्पष्ट खंडन किया।