पहले चरण के मतदान से ठीक सात दिन पहले आए इस इस्तीफे ने तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रज्जाक मंडल ने टिकट न मिलने, पार्टी के अंदर साजिश और नेतृत्व के रवैये पर नाराजगी जताई है। उनके जाने से स्थानीय समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
अब्दुर रज्जाक मंडल ने जालंगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पार्टी के भीतर साजिश रची गई, जिसके चलते उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया। रज्जाक का कहना है कि लंबे समय से पार्टी से जुड़े होने के बावजूद उनके साथ अन्याय हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि लगातार हो रहे अपमान का परिणाम है। उनके मुताबिक पार्टी में अब पुराने नेताओं की कद्र नहीं रह गई है और फैसले कुछ लोगों के दबाव में लिए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: MP News : सतना की भाजपा पार्षद के पुत्र तरुण लोधी पर दुष्कर्म का केस, आरोपी फरार
रज्जाक मंडल ने रानीनगर से उम्मीदवार सौमिक हुसैन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डोमकल सबडिवीजन में वर्चस्व की लड़ाई के कारण उनका टिकट काटा गया। रज्जाक का दावा है कि बाहरी उम्मीदवारों को थोपने से पार्टी को नुकसान होगा। उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस बार इस क्षेत्र की तीनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ सकता है। उनके अनुसार स्थानीय नेताओं को नजरअंदाज करने से संगठन कमजोर हो रहा है और इसका असर चुनावी नतीजों में दिखेगा।
ये भी पढ़ें: Strait Of Hormuz : ट्रंप के बाद होर्मुज मुद्दे पर मोदी- मैक्रों के बीच फोन कॉल, क्या कुछ हुई बातचीत?
रज्जाक मंडल ने कहा कि उन्हें टिकट न मिलने का दुख नहीं, बल्कि पार्टी नेतृत्व के रवैये से ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी जांच के उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, जो पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने अपने 43 साल के राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए कहा कि उनकी छवि हमेशा साफ रही है। रज्जाक ने संकेत दिया कि वे राजनीति से दूरी नहीं बनाएंगे और भविष्य में किसी अन्य दल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान वे किसी पार्टी का हिस्सा नहीं बनेंगे।