नर्मदापुरम :पचमढ़ी की गहरी खाई में मृत मिले बाघ का हुआ अंतिम संस्कार, नहीं मिले शिकार के कोई सबूत

सोहागपुर। नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक वयस्क नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई। यह मामला सोहागपुर क्षेत्र के पूर्व पचमढ़ी वन परिक्षेत्र के बीट पठार, कक्ष क्रमांक PF-250 का है, जहां 1 मई की रात बाघ के मौत की सूचना मिली थी। जिसके बाद टीम घटनास्थल पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई।
दुर्गम इलाके में मिला शव
जानकारी के अनुसार, घटना स्थल बेहद दुर्गम खाई वाले इलाके में स्थित है। रात होने के कारण तुरंत निरीक्षण संभव नहीं हो पाया। इसके बाद 2 मई को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण के दौरान एक वयस्क नर बाघ का शव बरामद किया गया।
सहायक संचालक संजीव शर्मा ने बताया कि टीम को कड़ी मशक्कत के बाद स्थल तक पहुंचना पड़ा। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति काफी कठिन होने के कारण जांच कार्य सावधानीपूर्वक किया गया।


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शिकार या संघर्ष के नहीं मिले संकेत
मामले की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा के अनुसार, घटनास्थल के आसपास गहन जांच के बावजूद शिकार, जहर देने या अन्य किसी आपराधिक गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला प्राकृतिक मृत्यु का प्रतीत होता है।
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पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार
राष्ट्रीय टाइगर कन्जरवेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रतिनिधि और क्षेत्र संचालक राखी नंदा की उपस्थिति में निर्धारित नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। एसडीओ आशीष खोबरागड़े ने बताया कि वन्य जीव चिकित्सकों की टीम द्वारा बाघ का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी कर मृत बाघ का नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वन विभाग की निगरानी जारी
वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट पोस्टमार्टम और अन्य परीक्षणों के आधार पर जारी की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है। हालांकि प्रारंभिक जांच में प्राकृतिक मौत की बात सामने आई है, फिर भी विभाग हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है।











