पीपुल्स संवाददाता, जबलपुर। जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक सीधी के सीईओ पद से सस्पेण्ड किए गए पीएस धनवाल के मामले में नया मोड़ आ गया है। सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब देकर कहा है कि धनवाल सीएम के कथित एक्शन से नहीं, बल्कि खुद के द्वारा की गई अनियमितताओं के कारण सस्पेण्ड हुए हैं। इतना ही नहीं, गड़बड़ियों की जांच के लिए बनी समिति को दस्तावेज मुहैया न कराने के संबंध में उन्होंने एक आदेश भी संबंधित कर्मचारियों को जारी किया था। सरकार की ओर से दिए गए जवाब पर रिजॉइंडर (जवाब-दावा) पेश करने जस्टिस एमएस भट्टी की सिंगल बेंच ने धनवाल को एक सप्ताह का समय दिया है।
अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। इस मामले में सरकार ने वित्तीय सहित अन्य गड़बड़ियों को लेकर पीएस धनवाल को बीते सोमवार को शोकॉज नोटिस देकर चार्जशीट थमाई थी। अब मंगलवार को वो रिटायर भी हो गए।
यह भी पढ़ें: Power Cut Alert : भोपाल के 40 इलाकों में बुधवार को बिजली कटौती, 7 घंटे तक बंद रहेगी सप्लाई
गौरतलब है कि बीते 22 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीधी जिले का औचक निरीक्षण किया था। बैंक में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने पर सीएम ने उनको सस्पेण्ड करने के निर्देश दिए थे। 22 मार्च को ही जारी किए गए निलंबन आदेश को चुनौती देकर यह याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने 26 मार्च को सरकार को मामले पर जवाब देने कहा था।
मंगलवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता गिरीश केकरे और जिला केन्द्रीय सहकारी बैंच की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह व अधिवक्ता कपिल दुग्गल हाजिर हुए। अनावेदकों की ओर से पेश किए गए विस्तृत जवाब पर अपना पक्ष रखने याचिकाकर्ता की ओर से समय मांगा गया, जो प्रदान करके बेंच ने सुनवाई बढ़ा दी।