अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले में 5 गिरफ्तार,हुगली में सड़क पर उतरी टीएमसी… दिलीप घोष बोले- वे हीरो बनने क्यों गए?

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ सोनारपुर में कथित तौर पर हुई अभद्रता और विरोध प्रदर्शन का मामला अब राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता इस घटना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस के अनुसार, अभिषेक बनर्जी अपने दौरे के दौरान सोनारपुर पहुंचे थे, जहां कुछ स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और अपमानजनक नारेबाजी की गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद सोनारपुर थाने में केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने पांच स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
घटना के विरोध में सड़क पर उतरे टीएमसी कार्यकर्ता
अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार की खबर सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। हुगली जिले के चुंचुड़ा इलाके में पार्टी नेताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक असित मजूमदार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पिपुलपाती मोड़ पर धरना दिया और सड़क जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क खाली कराई और हालात को सामान्य बनाया। असित मजूमदार ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में पहुंचे अभिषेक बनर्जी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन पर अंडे और जूते भी फेंके गए, जिसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं।
महंगाई विरोधी कार्यक्रम के दौरान मिला था घटना का संदेश
जानकारी के मुताबिक, असित मजूमदार पहले से पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। उन्होंने जोलाघाट से बीरपाती तक समर्थकों के साथ रैली निकाली थी। इसी दौरान उन्हें अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम बदलते हुए तत्काल धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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दिलीप घोष ने भी दी प्रतिक्रिया, बोले- जनता का गुस्सा कहीं न कहीं दिखेगा
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से लोगों में जो नाराजगी और असंतोष जमा हुआ है, वह किसी न किसी रूप में सामने आएगा। दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव परिणामों को देखते हुए आपको स्थिति समझ जानी चाहिए थी। आप वहां हीरो बनने क्यों गए? जो व्यक्ति 22 गाड़ियों के काफिले के साथ चलता है, अगर वह इस तरह की राजनीति करेगा तो जनता प्रतिक्रिया जरूर देगी। लोगों ने सब कुछ देखा है और वे सिर्फ अवसर की तलाश में थे।












