स्पोर्ट्स डेस्क। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने एक बार फिर टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाकर अपने शानदार टीम स्पिरिट का परिचय देते हुए 6वीं बार टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह पक्की है। टीम इंडिया ने लीग स्टेज के तीनों मुकाबले जीतकर शानदार शुरुआत की थी। हालांकि सुपर-8 के पहले मैच में टीम को साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद रास्ता थोड़ा कठिन जरूर हुआ, लेकिन फिर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीतकर टॉप-4 में जगह पक्की कर ली।
भारत का सुपर-8 में अंतिम मैच कोलकाता के ईर्डन्स गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया, मुकाबला भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा था। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 195 रन बनाए। जबाव में 196 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने आए संजू सैमसन ने कायराना पारी खेली। सैमसन ने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन ठोककर टीम को बड़ी जीत दिलाई।
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उनकी 97 रन की पारी में 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। जिसमें आक्रामक शॉट्स और बैलेंस दोनों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिला। अब तक तीन मैचों में वे 143 रन बना चुके हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

14 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। एक रन पर पहला विकेट गिरने के बाद जसप्रीत बुमराह ने सईम अयूब (6 रन) और कप्तान सलमान अली आगा (4 रन) को आउट कर मैच का रुख बदल दिया। पाकिस्तानी टीम दबाव से उबर नहीं सकी और 61 रन से हार गई।
इस जीत ने भारत को सुपर-8 में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा विंडीज के खिलाफ कल अंतिम मैच में बुमराह ने 4 ओवर में 36 रन खर्च कर 2 कैरेबियाई को पवैलियन भेजा।

बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन इस वर्ल्ड कप में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने नामीबिया के खिलाफ 61 और पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की ताबड़तोड़ जरूरी पारियां खेलीं। जहां पाकिस्तान मैच में अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद ईशान ने तिलक वर्मा के साथ 88 रन की साझेदारी कर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।

बात करें भारत के गेंदबाजी विभाग की तो यहां वरुण चक्रवर्ती शानदार फॉर्म में हैं। 7 मैचों में वे 12 विकेट लेकर भारत के टॉप विकेट टेकर बने हुए हैं। उन्होंने नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ 3-3 विकेट और पाकिस्तान के खिलाफ 2 विकेट लेकर उन्होंने विपक्षी टीमों की कमर तोड़ी। वरुण न सिर्फ जल्दी बल्लेबाजों को चलता करते हैं बल्कि उनकी बॉलिंग में डिस्पिलिन, फियर और वेरिएशंस बखूबी देखने को मिलते हैं। वे विकेट लेने के साथ- साथ डॉट गेंदें डालने में भी माहिर है।

वहीं जब टीम लगातार अपने विकेट खोती है तब नीचले निचले क्रम में बैटिंग करने उतरते हैं हार्दिक पंड्या जो टीम को तेज गति से रन बनाने बड़े- बड़े क्रिकेटिंग शॉट्स खेलने में माहिर हैष इतना ही नहीं वे बॉलिंग में भी टीम के लिए मददगार साबित हुए हैं। पंड्या ने 7 मैचों में 172 रन बनाए जिसमें दो अर्धशतक बनाने के साथ-साथ वे 6 विकेट भी झटक चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान को शून्य पर आउट कर भारत को निडर शुरुआत दिलाई थी।
