The Family Man 3 Review :मनोज बाजपेयी की दमदार वापसी, लेकिन दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स

एंटरटेनमेंट डेस्क। चार साल के लंबे इंतजार के बाद द फैमिली मैन का तीसरा सीजन आखिरकार 21 नवंबर से अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है। इस बार कहानी में बड़े पैमाने पर बदलाव, नए विलेन और फर्जी यूनिवर्स के क्रॉसओवर ने इसे और चर्चा में ला दिया है। हालांकि दर्शकों का रिस्पॉन्स इस बार दो हिस्सों में बंट गया है। कुछ इसे बेहतरीन कह रहे हैं, तो कुछ निराश हो रहे हैं।
क्या खास है इस सीजन में?
बता दें कि, इस बार श्रीकांत तिवारी (मनोज बाजपेयी) को एक बड़े राष्ट्रीय खतरे से निपटना है। कहानी नार्थ-ईस्ट में फैले एक खतरनाक नेटवर्क के इर्द-गिर्द घूमती है। मिशन जितना खतरनाक है उतना ही मुश्किल श्रीकांत की पारिवारिक जिंदगी भी हो जाती है।
दर्शकों का अलग-अलग रिस्पॉन्स
सीरीज के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर दर्शकों का अलग-अलग रिस्पॉन्स आने लगा। कुछ लोगों ने इसे शानदार बताया और कहा कि सीजन दमदार है, एंडिंग ने दिमाग हिला दिया। वहीं कई दर्शकों ने निराशा जताते हुए इसे धीमा, कमजोर और कम रोमांच वाला कहा। एक यूजर ने लिखा कि द फैमिली मैन 3 अच्छी है, लेकिन और बेहतर हो सकती थी। सस्पेंस की कमी महसूस हुई। जबकि दूसरे ने रिव्यू में लिखा कि ये बोरिंग थी, बस एक्टिंग अच्छी लगी।

कितने एपिसोड और कितनी लंबाई?
सीजन में कुल 7 एपिसोड हैं और हर एपिसोड लगभग 40 से 50 मिनट लंबा है। इसलिए इसे एक बार में खत्म करना थोड़ा लंबा लेकिन रोमांचक अनुभव हो सकता है। जहां कुछ दर्शकों को यह कहानी मजबूत और किरदार दमदार लगे, वहीं कई लोगों को इसकी रफ्तार और सस्पेंस पहले सीजन की तुलना में कमजोर लगा। कुल मिलाकर, द फैमिली मैन 3 एक्टिंग, किरदारों की टकराहट और कहानी के नए ट्विस्ट की वजह से देखने लायक है, खासकर यदि आप थ्रिलर और स्पाई-ड्रामा का रोमांच पसंद करते हैं।
स्टार कास्ट और परफॉर्मेंस
इस सीजन में स्टार कास्ट फिर से मजबूत दिखाई देती है। मनोज बाजपेयी एक बार फिर श्रीकांत तिवारी के किरदार में पहले से ज्यादा आच्छे और गहरे दिखाई देते हैं। उनके साथ इस बार जयदीप अहलावत की एंट्री कहानी में जबरदस्त टकराव और इंटेंसिटी लेकर आती है। दोनों के बीच की भिड़ंत इस सीजन की सबसे बड़ी हाईलाइट मानी जा रही है।
प्रियामणि इस बार भी अपनी गंभीर और भावनात्मक भूमिका में प्रभाव छोड़ती हैं, जबकि शारिब हाशमी अपने हल्के-फुल्के अंदाज से कहानी में बैलेंस बनाए रखते हैं। श्रेया धनवंतरी, अश्लेषा ठाकुर और वेदांत सिन्हा अपने किरदारों में पूरी तरह फिट नजर आते हैं। वहीं निम्रत कौर की मौजूदगी से कहानी में नई लेयर और सस्पेंस जुड़ता है। कुल मिलाकर, पूरी स्टारकास्ट अपने-अपने किरदारों में मजबूती से खड़ी दिखाई देती है।












