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MP में पहली बार...10 नक्सलियों का सरेंडर, सीएम बोले-जनवरी तक बालाघाट भी होगा नक्सल मुक्त

बालाघाट में 10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) की मौजूदगी में सरेंडर (Naxal surrender) कर दिया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि अन्य नक्सली भी जल्द हथियार डालेंगे।
10 नक्सलियों का सरेंडर, सीएम बोले-जनवरी तक बालाघाट भी होगा नक्सल मुक्त
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बालाघाट। मप्र में पहली बार एक साथ 10 नक्सलियों ने रविवार को सरेंडर (Naxal surrender) कर दिया। इन नक्सलियों पर लाखों रुपए का इनाम था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav), डीजीपी कैलाश मकवाणा खास तौर से उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दो साल में मप्र के दो जिले डिंदौरी और मंडला नक्सल मुक्त हो चुके हैं। उम्मीद है कि जनवरी 2026 तक बालाघाट और कान्हा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया में भी नक्सलवादी गतिविधियां खत्म हो जाएंगी। 

    लोकतंत्र में हथियार समाधान नहीं

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि लोकतंत्र में हथियार समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने नक्सलवादियों से कहा कि आओ और आगे बढ़ो, पुनर्वास की नीति अपनाओ, आगे बढ़ने पर सहयोग की गारंटी सरकार लेगी। बालाघाट सहित पूरे मप्र में  एक भी व्यक्ति को हथियार उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के अंदर दबाव के कारण कई नक्सलियों ने समर्पण किया है, इनमें से ज्यादातर दूसरे राज्यों के हैं। आज के बाद कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर क्षेत्र में भी नक्सल संभावना शून्य हुई है।

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    सरकार पुनर्वास का काम करेगी

    मुख्मंत्री डॉ . यादवने कहा कि जो लोग संविधान की कॉपी लेकर सरेंडर किया उन्हें पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में जोड़ा जाएगा। जोकानून के रास्ते पहुंचेगा सरकार पुनर्वास का काम करेगी। डॉ. यादव ने कहा कि हम जो कर सकते हैं, उससे आगे बढ़कर करेंगे। जो हथियार त्याग कर आ रहे उनकी चिंता करने का काम हमारा है। और भी जो बचे वो भी हथियार त्यागे

    संघर्ष करने वालों से दबने वाले नहीं हैं

    मीडिया से बात करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि मप्र, छग, महाराष्ट्र सबसे बात हो रही है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के मैदान में लड़ना चाहता है उसका खात्मा करेंगे। जो सरेंडर कर रहा है उसके पुनर्वास की गारंटी ले रहे हैं। इनाम भी देंगे, मकान भी बनाकर देंगे। हथियार उठाकर जो संघर्ष करना चाहते हैं उनसे दबने वाले नहीं हैं।

    इन्होंने किया सरेंडर  

    1.  सुरेंद्र उर्फ कबीर 62 लाख का इनाम था, (एसजेडसीएम, सचिव, एमएमसी)।
    2. विक्रम उर्फ हिडमा जिला सुकमा एसीएम रैंक के अधिकारी है, 14 लाख का इनाम था।
    3. समर उर्फ समरू बीजापुर (एसीएम, भोरमदेव एसी) वर्ष 2011 से पार्टी में शामिल है। चौदह लाख का इनाम था। 
    4. शिल्पा निवासी बीजापुर वर्ष 2022 से शामिल है।
    5. जयशीला निवासी बीजापुर (एसीएम, भोरमदेव एसी)।
    6. सविता उर्फ सावित्री बीजापुर 2017 से शामिल।
    7. नवीन उर्फ हिडमा सुकमा वर्ष 2014 से शामिल(एसीएम)।
    8. जरीना 2014 से शामिल (एसीएम)।
    9. राकेश होडी उर्फ मनीष (एसजेडसीएम, केबी डिवीजन)। 
    10. लालसिंह मरावी उर्फ लालर्स (गार्ड, सुरेंद्र उर्फ कबीर)।
    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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