जम्मू। जम्मू-कश्मीर की राजनीति से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। यह घटना उस समय हुई जब वह जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह में शामिल हुए थे। समारोह खत्म होने के दौरान एक व्यक्ति अचानक उनके बेहद करीब पहुंचा और पिस्टल से फायर कर दिया।
हालांकि, सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण गोली उन्हें नहीं लगी और वे बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया है। लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है- आखिर Z+ और NSG सुरक्षा में रहने वाले नेता के इतना करीब हथियार लेकर कोई कैसे पहुंच गया?
यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में हुई। यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक नेता के परिवार में शादी समारोह था, जिसमें कई बड़े नेता और मेहमान शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि, डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी इस समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के डिप्टी मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद थे।
करीब एक घंटे तक समारोह में रहने के बाद जब फारूक अब्दुल्ला वहां से निकलने लगे, उसी दौरान अचानक एक व्यक्ति उनके पीछे पहुंचा और पिस्टल निकालकर उन पर तान दी। कुछ ही सेकेंड में उसने गोली चला दी। लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि, सुरक्षाकर्मी ने उसका हाथ हटाया, जिससे गोली ऊपर की ओर चली गई और फारूक अब्दुल्ला को कोई नुकसान नहीं हुआ।
पुलिस ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है उसका नाम कमल सिंह जामवाल बताया गया है। आरोपी के बारे में प्रमुख जानकारी-
नाम: कमल सिंह जामवाल
उम्र: करीब 70 साल
निवासी: पुरानी मंडी इलाका, जम्मू
पेशा: दुकानों से किराया लेकर जीवनयापन
हथियार: लाइसेंसी पिस्टल
पुलिस के अनुसार, जामवाल पुराने शहर में कुछ दुकानों का मालिक है और उन्हीं से मिलने वाले किराए से अपना गुजारा करता है। घटना के समय वह पिस्टल लेकर समारोह में मौजूद था और मौके का इंतजार कर रहा था।
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पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने एक ऐसा दावा किया जिससे जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं। उसने कहा कि, वह करीब 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि, मैं पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। यह मेरा व्यक्तिगत एजेंडा था।
कुछ अधिकारियों ने यह भी बताया कि, घटना के समय आरोपी नशे की हालत में था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि-
हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस को किसी आतंकी साजिश का संकेत नहीं मिला है।
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जम्मू सिटी साउथ के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने बताया कि, आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की घटना हुई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अभी तक इसमें किसी आतंकी एंगल का संकेत नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के हथियार को जब्त कर लिया गया है और उसके लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, हमलावर फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब पहुंचता है। अचानक पिस्टल निकालकर उनके सिर की तरफ तान देता है। फायरिंग करते ही सुरक्षाकर्मी उसे पकड़ लेते हैं। कुछ लोग आरोपी को पकड़कर मारते-पीटते भी नजर आ रहे हैं।
शादी समारोह में मौजूद एक चश्मदीद राकेश सिंह ने बताया कि सब लोग कार्यक्रम में बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि, डॉ. साहब ने कहा कि अब हम चलते हैं। हम लोग उठ ही रहे थे कि अचानक एक आदमी आया और उसने उनके पीछे रिवॉल्वर तान दी। तभी किसी ने उसका हाथ पकड़ लिया और गोली ऊपर की तरफ चली गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय मौके पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी।
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि फारूक अब्दुल्ला को Z+ सुरक्षा मिली हुई है और उनके साथ NSG कमांडो भी रहते हैं। इसके बावजूद एक व्यक्ति का इतने करीब पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है।
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जम्मू-कश्मीर के डिप्टी मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताया। उन्होंने कहा कि, यह बहुत बड़ी सुरक्षा चूक है। जब पूर्व मुख्यमंत्री, डिप्टी मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार किसी कार्यक्रम में मौजूद हों और कोई व्यक्ति हथियार लेकर अंदर पहुंच जाए तो यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर सरकार के मंत्री सतीश शर्मा ने भी इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, फारूक अब्दुल्ला देश के बड़े नेता हैं। उन्हें पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। इस घटना की जांच होनी जरूरी है।
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, अल्लाह मेहरबान है कि मेरे पिता बाल-बाल बच गए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि Z+ और NSG सुरक्षा में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया। उन्होंने कहा कि इस घटना में अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर की राजनीति के बड़े और अनुभवी नेताओं में से एक हैं।
उनकी राजनीतिक यात्रा
उनके पिता शेख अब्दुल्ला भी जम्मू-कश्मीर के प्रमुख नेताओं में रहे और राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला का मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल तीन बार रहा:
उनकी गिनती जम्मू-कश्मीर की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में होती है।