Peoples Update Special :इंदौर में पिछले पांच साल में डायलिसिस के 59 फीसदी मरीज बढ़े

बदलती जीवनशैली के कारण किडनी के रोगी बढ़ रहे हैं। इंदौर में बीते पांच सालों में 59 प्रतिशत डायलिसिस मरीज बढ़ गए हैं। पिछले दस वर्षों में शहर में 84 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
इंदौर में पिछले पांच साल में डायलिसिस के 59 फीसदी मरीज बढ़े
इंदौर। एमवाय अस्पताल का मेडिकल स्टाफ किडनी के मरीज के साथ।
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    प्रभा उपाध्याय, इंदौर। बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। इंदौर में किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय अस्पताल में पिछले पांच वर्षों में डायलिसिस के मामलों में करीब 59 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2025 में यहां 5000 से अधिक मरीजों का डायलिसिस किया गया। 

    शहर में 500 से ज्यादा डायलिसिस मशीनें

    नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप सालगिया ने बताया कि शहर में वर्तमान में 500 से अधिक डायलिसिस मशीनें उपलब्ध हैं। वहीं करीब 3500 से अधिक मरीज किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पिछले दस वर्षों में शहर में 84 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। वहीं 189 मरीज अभी भी किडनी ट्रांसप्लांट के लिए वेटिंग सूची में हैं

    एमवाय हास्पिटल में18 मशीनें संचालित 

    एमवाय अस्पताल की डायलिसिस यूनिट की नर्सिंग हेड निखिता यादव के अनुसार, एमवाय में शुरुआत केवल दो डायलिसिस मशीनें थी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब यहां 18 मशीनें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा हेपेटाइटिस संक्रमित मरीजों के लिए अलग मशीन की व्यवस्था है। यहां एचआईवी पॉजिटिव मरीजों का भी सुरक्षित तरीके से डायलिसिस किया जाता है। बुधवार को 12 मरीजों की डायलिसिस की गई।

    105 से ज्यादा बार डायलिसिस करा चुके हैं आकाश 

    36 वर्षीय आकाश वर्मा बताते हैं कि वह 2023  से किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। अब तक वह 105 से अधिक बार डायलिसिस करा चुके हैं। वे एमवाय अस्पताल में सप्ताह में दो बार डायलिसिस करवाते हैं। परिवार से किसी से भी किडनी मैच नहीं हुई है।

    किस साल कितने हुए डायलिसिस 

    • वर्ष      मरीज
    • 2021    3,490
    • 2022    3,663
    • 2023    4,079
    • 2024    4,420
    • 2025    5,547     
    • स्रोत: - एमवाय अस्पताल 

    स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए

    आजकल किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इसका प्रमुख कारण मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली है। जंक फूड, कम पानी पीना और बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का उपयोग भी किडनी को नुकसान पहुंचाता है। नियमित जांच और संतुलित आहार से सेक्रॉनिक किडनी डिजीज के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए स्कूलों में जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा।

    डॉ. प्रदीप सालगिया, नेफ्रोलॉजिस्ट

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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