
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खाने-पीने की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक कैफे में शाकाहारी खाना ऑर्डर करने पहुंचे युवकों को कथित तौर पर मांसाहारी डिश परोस दी गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो स्थिति और बिगड़ गई। अब मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और जांच शुरू हो गई है।
इंदौर के नालंदा परिसर में रहने वाले अमोल पाटकर अपने दोस्तों अदिति मोदानी और डिंपल शुक्ला के साथ शनिवार रात करीब 9:40 बजे मामा लोका कैफे पहुंचे थे। यहां उन्होंने अनियन रिंग्स ऑर्डर किए। अमोल पाटकर ने शिकायत में बताया कि जो डिश उनके सामने परोसी गई, वह देखने में अनियन रिंग्स जैसी नहीं लग रही थी। शक होने पर उन्होंने वेटर से सवाल किया। अमोल के मुताबिक,'हमने वेटर से कहा कि ये अनियन रिंग्स नहीं लग रहे, लेकिन उसने कहा कि यही अनियन रिंग्स हैं, खा लीजिए।'
जब ग्राहकों ने खाना खाने से इनकार कर दिया तो मामला यहीं शांत नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार वेटर प्लेट वापस ले गया और उसे छिपाने की कोशिश की गई। अमोल पाटकर ने पुलिस को बताया कि हमने जब इसका विरोध किया तो स्टाफ ने सहयोग करने के बजाय बहस शुरू कर दी। हमें बिल भी नहीं दिया गया और सबूत जुटाने से रोका गया।
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मामले ने उस वक्त गंभीर रूप ले लिया जब ग्राहकों ने स्टाफ पर बदसलूकी का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के अनुसार,'हमारे साथ धक्का-मुक्की की गई और हमारी महिला दोस्तों के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ।'
घटना के बाद अमोल पाटकर ने तुकोजीगंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने दावा किया कि जो खाना उन्हें परोसा गया था, उसका कुछ हिस्सा उन्होंने सबूत के तौर पर प्लास्टिक बैग में सुरक्षित रखा और पुलिस को सौंप दिया। अमोल ने यह भी बताया कि हम तीनों ब्राह्मण समाज से आते हैं, इसलिए यह हमारे लिए सिर्फ गलती नहीं है।
तुकोजीगंज थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब कैफे स्टाफ से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।