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Ujjain Mahakal Lok News :तकिया मस्जिद गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज

महाकाल लोक परिसर में पार्किंग निर्माण के लिए ध्वस्त किए गए थे कई निर्माण
तकिया मस्जिद गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज
उज्जैन में 11 जनवरी 2025 को मस्जिद को ध्वस्त किया गया था
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उज्जैन में एक मस्जिद के गिराए जाने के खिलाफ दायर याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। मस्जिद को भूमि अधिग्रहण के बाद ध्वस्त कर दिया गया था। तकिया मस्जिद जनवरी में उस जमीन के अधिग्रहण के बाद ध्वस्त कर दी गई थी जिस पर यह बनी थी। अधिकारियों ने उज्जैन में महाकाल लोक परिसर में विस्तार करने के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू की थी। 11 जनवरी 2025 को 257 मकानों के साथ मस्जिद को ध्वस्त किया गया था।

    अब बहुत देर हो चुकी है

    शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, 13 याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 200 साल पुरानी मस्जिद को इसलिए गिराया गया क्योंकि पार्किंग स्थल की आवश्यकता थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस याचिका की सुनवाई की। बेंच ने कहा, 'वैधानिक योजना के तहत मुआवजा देना जरूरी था। आपने उसी अधिग्रहण को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी, जिसे वापस लिया गया मान कर खारिज कर दिया गया था।' याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि मस्जिद को 1985 में वक्फ संपत्ति घोषित किया गया था। बेंच ने कहा, 'अब बहुत देर हो चुकी है, कुछ नहीं किया जा सकता। याचिका को खारिज किया जाता है।'

    इंदौर हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी याचिका

    बेंच ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस संबंध में तर्क दिया है। याचिकाकतार्ओं ने हाईकोर्ट के समक्ष कहा था कि वे उज्जैन के निवासी हैं और मस्जिद में नमाज अदा करते थे। प्राधिकारियों ने कोर्ट से कहा था कि जमीन का अधिग्रहण कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए किया गया था, मुआवजा दिया गया था और अब सभी संपत्तियां राज्य सरकार के पास हैं। हालांकि, पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच, दोनों ने ही याचिकाकर्ताओं की अपील को खारिज कर दिया था और प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट में हार के बाद, पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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