रोंगटे खड़े करने वाला VIDEO!सांड ने मासूम को सींग से उठाकर पटका, सिर और चेहरे पर लगे 25 टांके

ग्वालियर में आवारा सांड ने 6 वर्षीय मासूम गोविंद लक्षकार पर हमला किया। बहन की सूझबूझ से बच्चा बचा। पीआईसीयू में भर्ती मासूम के सिर और चेहरे पर 25 टांके लगे हैं।
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सांड ने मासूम को सींग से उठाकर पटका, सिर और चेहरे पर लगे 25 टांके
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 9 फरवरी की शाम मुरार क्षेत्र के त्यागी नगर में हुई घटना ने शहर को हिला दिया। यहां 6 वर्षीय मासूम गोविंद लक्षकार पर अचानक एक आवारा सांड ने हमला कर दिया। मासूम को कई बार जमीन पर पटकते हुए सांड ने जानलेवा हमला किया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    बहन की हिम्मत से बची जान

    गोविंद अपनी बड़ी बहन नंदिनी लक्षकार के साथ रोज की तरह कोचिंग से घर लौट रहा था। गली नंबर-2 में अचानक सामने से एक काला आवारा सांड आया और बच्चे पर हमला कर दिया। गोविंद डर के मारे गिर गया और सांड ने उसे कई बार सींगों से उठाकर जमीन पर पटक दिया।

    नंदिनी ने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने पहुंचकर सांड को भगाया, तभी बच्चे की जान बच सकी। घटना कुछ ही सेकेंड में हुई और अगर मदद थोड़ी देर से आती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

    सिर में आए 25 टांके

    घटना के तुरंत बाद गोविंद को जिला अस्पताल में बाल एवं शिशु रोग विभाग के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि, बच्चे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। सिर में 9 और चेहरे पर 16 टांके लगे हैं। फिलहाल मासूम की हालत स्थिर है, लेकिन हादसे का मानसिक सदमा अभी भी परिवार पर भारी है।

    सोशल मीडिया पर CCTV वायरल

    घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि सांड मासूम को उठाकर कई बार जमीन पर पटक रहा है। सोशल मीडिया पर यह फुटेज वायरल हो गया है और लोगों की चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है।

    शहर में आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या

    ग्वालियर में आवारा मवेशियों की संख्या लगभग 25,000 बताई जाती है। मुरार, एबी रोड, मुरार-कुम्हरपुरा, लक्कड़खाना पुल, राजमाता चौराहा, हजीरा, राम मंदिर चौराहा, किला गेट और अन्य मुख्य सड़कों पर रोजाना मवेशियों का जमावड़ा रहता है।

    स्थानीय लोगों और बच्चों के लिए यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम के पास इन मवेशियों को पकड़ने के लिए केवल 2 ट्रैक्टर-टॉली, 2 एंबुलेंस और 21 कर्मचारी हैं।

    पुराने हादसों का भयावह आंकड़ा

    बीते पांच सालों में आवारा मवेशियों के हमले से शहर में कई मौतें और कई लोग गंभीर घायल हुए हैं-

    वर्ष

    पीड़ित का नाम

    घटना का स्थान

    विवरण

    मार्च 2021

    गौतम जाटव

    बेलदार का पुरा

    सांड की टक्कर से मौत

    फरवरी 2021

    गणेश चौरसिया

    गुड़ागुड़ी का नाका

    मौत

    मई 2022

    बिल्लो यादव

    सागरताल

    इलाज के दौरान मौत

    जून 2023

    जय किशोर

    मुरार

    सांड के हमले में मौत

    फरवरी 2024

    मुंशी सिंह

    गोलपहाड़िया

    सांड के हमले में मौत

    इसके अलावा पिछले पांच साल में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

    नगर निगम की अपर्याप्त तैयारी

    स्थानीय नागरिक और परिजन बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा। नियमित अभियान नहीं चलाए जा रहे, केवल सूचना मिलने पर खानापूर्ति की जा रही है। नगर निगम की सीमित संसाधन और बेतरतीब तरीके से मवेशियों को नियंत्रित करने की व्यवस्था बच्चों और आम लोगों के लिए खतरा बन चुकी है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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