Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

रानी पद्मावती को ‘कायर’ कहने पर घिरीं स्वरा भास्कर? करणी सेना की नाराजगी, कहा- सुधर जाओ, वरना...

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर दावा वायरल हुआ कि उन्होंने रानी पद्मावती को ‘कायर’ कहा।
रानी पद्मावती को ‘कायर’ कहने पर घिरीं स्वरा भास्कर? करणी सेना की नाराजगी, कहा- सुधर जाओ, वरना...
बॉलीवुड एक्टेस स्वरा भास्कर ने रानी पद्मावती को ‘कायर’ कहा।

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार विवाद संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन को लेकर शुरू हुआ है। सोशल मीडिया पर स्वरा का एक वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि उन्होंने रानी पद्मावती को ‘कायर’ कहा है। मामला बढ़ा तो स्वरा ने खुद सामने आकर इस दावे पर सफाई दी और कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया।

‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर क्या बोलीं स्वरा?

यह विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। महिलाओं से जुड़े इस कार्यक्रम में स्वरा से फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर वाले सीन के बारे में सवाल किया गया था। स्वरा ने कहा कि उन्हें इस सीन से जुड़ा एक पहलू परेशान करता है। उनका सवाल था कि फिल्मों में जब महिलाओं के सम्मान को उनकी जिंदगी से जोड़कर दिखाया जाता है, तो इसका समाज पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी महिला के साथ दुष्कर्म हो जाए, तो क्या उसकी जिंदगी खत्म हो जाती है? क्या उसके पास अपनी जान देने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होना चाहिए? स्वरा का कहना था कि किसी अपराध की वजह से पीड़िता की जिंदगी की कीमत कम नहीं हो जाती और उसे आगे जीने का पूरा अधिकार है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘कायर’ वाला दावा

स्वरा के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद कई पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया कि अभिनेत्री ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को ‘कायर’ कहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर स्वरा की आलोचना शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि इतिहास में महिलाओं द्वारा लिए गए फैसलों को आज की सोच के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने स्वरा के सवाल का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि यौन हिंसा की शिकार महिला को समाज की सहानुभूति और समर्थन मिलना चाहिए, न कि उसकी जिंदगी को खत्म मान लिया जाना चाहिए।

फिर विवादों से घिरीं स्वरा भास्कर, महाकुंभ भगदड़ और छावा को किया कम्पेयर तो लोगों ने किया ट्रोल, बोले- कन्वर्टेड मोहतरमा इसलिए परेशान हैं...

विवाद बढ़ा तो स्वरा ने दी सफाई

मामला बढ़ने के बाद स्वरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को ‘कायर’ नहीं कहा। स्वरा के मुताबिक, उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया और उनके शब्दों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। उन्होंने बताया कि वह एक काल्पनिक स्थिति के बारे में बात कर रही थीं। उनका सवाल था कि अगर कभी वह खुद दुष्कर्म की शिकार होतीं, तो क्या उन्हें अपनी इज्जत बचाने के लिए अपनी जान दे देनी चाहिए? स्वरा का कहना है कि इस सवाल का संबंध रानी पद्मावती की बहादुरी या कायरता से नहीं था। वह सिर्फ महिलाओं के जीने के अधिकार और समाज की सोच पर सवाल उठा रही थीं।

अब करणी सेना की एंट्री से बढ़ा विवाद

स्वरा के बयान पर अब करणी सेना ने भी नाराजगी जताई है। करणी सेना महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर को अपनी भाषा सुधारने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि सनातन और वीरांगनाओं के बलिदान और शौर्य पर सवाल उठाने या आपत्तिजनक टिप्पणी करने का अधिकार किसी को नहीं है। करणी सेना की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है।

आठ साल बाद फिर चर्चा में आया पुराना विवाद

स्वरा भास्कर इससे पहले भी ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर सवाल उठा चुकी हैं। साल 2018 में फिल्म की रिलीज के समय उन्होंने निर्देशक संजय लीला भंसाली को एक ओपन लेटर लिखा था। उन्होंने फिल्म में महिलाओं के सम्मान और जौहर को दिखाने के तरीके पर सवाल उठाए थे। अब कई साल बाद उनके दोबारा इस मुद्दे पर बोलने से विवाद फिर सामने आ गया है।

स्वरा भास्कर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल, मौलाना सज्जाद नोमानी के साथ दिखने पर भड़के नेटिजन, लगा दी क्लास

इतिहास और आज की सोच के बीच बहस

‘पद्मावत’ खुद भी रिलीज से पहले लंबे समय तक विवादों में रही थी। फिल्म के इतिहास को दिखाने के तरीके को लेकर विरोध और प्रदर्शन हुए थे। विवाद के बीच फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से बदलकर ‘पद्मावत’ किया गया। अब स्वरा के बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐतिहासिक घटनाओं और आज के सामाजिक नजरिए के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

फिलहाल स्वरा अपनी सफाई दे चुकी हैं, जबकि करणी सेना ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। ऐसे में अब इस पूरे मामले पर बहस जारी है कि क्या स्वरा के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया या फिर उनकी बात से सच में ऐतिहासिक भावनाएं आहत हुईं?

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts