El Nino Alert..!2026 में होगा Super El Nino अलर्ट, 9 मई के बाद बदलेगा मौसम, बढ़ेगी भीषण गर्मी आएंगा तूफान

Super El Nino: जब समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है, तब इसे आम बोलचाल में सुपर एल नीनो कहा जाता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) के अनुसार मई से जुलाई 2026 के बीच एल नीनो के उभरने की संभावना काफी मजबूत हो गई है। दरअसल, प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का पानी सामान्य से तेजी से गर्म हो रहा है। यही बदलाव El Nino की शुरुआत का संकेत माना जाता है।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
भारत के लिए इसका मतलब सिर्फ बढ़ती गर्मी नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा असर मानसून पर पड़ सकता है। अगर प्रशांत महासागर में गर्मी इसी रफ्तार से बढ़ती रही तो दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है। इसका सीधा असर खेती, जल भंडारण और खरीफ फसलों पर दिख सकता है।
कुछ शहरों में 24 घंटें रहेगी भीषण गर्मी
भारत मौसम विभाग विज्ञान के हालिया अनुमान के मुताबिक मई के शुरुआती दिनों में कुछ इलाकों में बारिश और आंधी राहत दे सकती है, लेकिन इसके बाद कई राज्यों में हीटवेव का खतरा बढ़ सकता है। खासकर गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में दिन ही नहीं, रातें भी ज्यादा गर्म महसूस हो सकती हैं।
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गर्मी में टॉप पर आने वाला 2026
वैज्ञानिकों की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि धरती पहले ही असामान्य रूप से गर्म हो चुकी है। ऐसे में अगर El Nino पूरी तरह सक्रिय होता है, तो 2026 अब तक के सबसे गर्म वर्षों में दर्ज हो सकता है। मौसम मॉडल इशारा कर रहे हैं कि अचानक तापमान उछल सकता है, बारिश का पैटर्न बिगड़ सकता है और कई जगहों पर मौसम बिना चेतावनी के पलट सकता है।
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बदलते मौसम से सेहत पर पढ़ता असर
मौसम में अचानक बदलाव का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रहता, इसका सीधा असर सेहत पर भी पड़ता है। तेज गर्मी और उमस बढ़ने पर शरीर में पानी की कमी, थकान, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वहीं बेमौसम बारिश, धूलभरी आंधी और तापमान के तेजी से ऊपर-नीचे होने से सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, गले में संक्रमण और सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या एलर्जी से जूझ रहे लोगों के लिए ऐसे मौसम में ज्यादा सावधानी जरूरी होती है, क्योंकि बदलता मौसम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर डालता है।
यानी 9 मई के बाद मौसम सिर्फ गर्म नहीं होगा, बल्कि अनिश्चित भी हो सकता है। कहीं झुलसाने वाली धूप, कहीं अचानक तूफान, तो कहीं बेमौसम बारिश, आने वाले हफ्तों में आसमान का मिजाज लोगों को चौंका सकता है।











