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गर्मी आई भी नहीं और यहां 7 रुपए किलो बिक रहा तरबूज...मिडिल ईस्ट युद्ध से यहां भी असर

दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय बाजारों में दाम गिरने के बावजूद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अभी भी ज्यादा कीमतों में बिक रहे हैं। दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में क्विक कॉमर्स ऐप्स-जैसे ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट पर तरबूज अभी भी काफी महंगा दामों में बिक रहा है।
गर्मी आई भी नहीं और यहां 7 रुपए किलो बिक रहा तरबूज...मिडिल ईस्ट युद्ध से यहां भी असर

सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘7 रुपये किलो तरबूज’ तेजी से ट्रेंड हो  रहा है। और इसकी वजह आपको हैरान कर देगी, ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते खाड़ी देशों में फलों के निर्यात पर पड़ा असर बताया जा रहा है। हालात यह हैं कि जो तरबूज और खरबूजे मिडिल ईस्ट के देशों में भेजे जाने थे, उनका बड़ा हिस्सा अब भारत के घरेलू बाजार में वापस आ रहा है। जिससे देश में अचानक आपूर्ति बढ़ने से कई जगहों पर तरबूज के दाम गिरकर 6 से 7 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

रमजान के महीने में तरबूज- खरबूजे की बढ़ती है मांग

दरअसल, रमजान के महीने में खाड़ी देशों में तरबूज और खरबूजे की मांग काफी बढ़ जाती है। भारत से बड़ी मात्रा में ये फल कतर, यूएई, बहरीन और ओमान जैसे देशों में भेजे जाते हैं। हर साल रमजान के दौरान इन देशों में भारतीय तरबूज की भारी खपत होती है। लेकिन इस बार ईरान में चल रहे संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के कारण निर्यात प्रभावित हो गया, जिससे व्यापारियों को फलों की खेप विदेश भेजने में मुश्किल आ रही है।

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भारतीय बाजार के सामने नई परेशानी

निर्यात में आई रुकावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। जो फल विदेशों के लिए पैक किए गए थे, वे अब देश के अलग-अलग मंडियों में पहुंच रहे हैं। एक साथ बड़ी मात्रा में फल बाजार में आने से आपूर्ति बढ़ गई है। मांग के मुकाबले माल ज्यादा होने से कई जगहों पर कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है।

आजादपुर मंडी में भारी गिरावट

दिल्ली की आजादपुर मंडी, जिसे एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडियों में गिना जाता है, वहां भी कीमतों में कमी दर्ज की गई है। फरवरी में तरबूज का भाव करीब 3,275 रुपये प्रति क्विंटल था, जो मार्च में घटकर लगभग 2,301 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। यानी एक महीने में करीब 29 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि पिछले साल मार्च 2025 के मुकाबले अभी भी कीमतें अधिक हैं। उस समय तरबूज का भाव करीब 1,482 रुपये प्रति क्विंटल था।

ब्लिंकिट- स्विगी इंस्टामार्ट अब भी महंगा

दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय बाजारों में दाम गिरने के बावजूद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अभी भी ज्यादा कीमतों में बिक रहे हैं। दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में क्विक कॉमर्स ऐप्स-जैसे ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट पर तरबूज अभी भी काफी महंगा दामों में बिक रहा है। दिल्ली में फिलहाल इसकी कीमत 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा और बेंगलुरु में करीब 80 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है।

सोशल मीडिया पर जोरों से चर्चाएं

सोशल मीडिया पर कई लोग स्थानीय बाजारों में बेहद सस्ते दामों में तरबूज मिलने का दावा कर रहे हैं। कर्नाटक की कृषि उद्यमी अरुणा उर्स ने भी बताया कि कुछ जगहों पर तरबूज सिर्फ 7 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। उनका कहना है कि खाड़ी देशों के लिए तैयार किया गया माल अब भारतीय बाजार में आने से कीमतों पर दबाव बना है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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