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फिर लौटा Nipah Virus…कोरोना से भी ज्यादा जानलेवा! क्यों दुनिया के सबसे घातक वायरस में होती है इसकी गिनती?

केरल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। निपाह वायरस की मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है। जानिए यह वायरस कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं, भारत में इसका इतिहास और इससे बचाव के जरूरी उपाय।
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कोरोना से भी ज्यादा जानलेवा! क्यों दुनिया के सबसे घातक वायरस में होती है इसकी गिनती?

केरल में निपाह वायरस के एक संदिग्ध मामले ने एक बार फिर देशभर में चिंता बढ़ा दी है। कोरोना महामारी के बाद लोग संक्रामक बीमारियों को लेकर पहले से अधिक सतर्क हैं और ऐसे में निपाह वायरस का नाम सामने आते ही स्वास्थ्य एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है इस वायरस की बेहद ऊंची मृत्यु दर और अब तक इसकी कोई प्रभावी वैक्सीन या निश्चित इलाज उपलब्ध न होना।

कोझिकोड में एक 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह संक्रमण की आशंका जताई गई है। शुरुआती जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सैंपल की पुष्टि के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजा गया है। मरीज को आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है और उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।

केरल में क्यों बढ़ी चिंता?

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मरीज इलाज से पहले कई लोगों के संपर्क में आया था। बताया जा रहा है कि उसने हाल ही में एक गोदाम की सफाई की थी, जहां संक्रमण होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वायरस के वास्तविक स्रोत की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर-

  • मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है।
  • अस्पताल कर्मचारियों को निगरानी में रखा गया है।
  • संभावित संपर्कों को क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है।
  • स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब केरल पहले से शिगेला संक्रमण और वेस्ट नाइल वायरस जैसी बीमारियों से जूझ रहा है।

Nipah Virus

क्या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस (Nipah Virus) एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसकी पहचान पहली बार 1998-99 में मलेशिया के सुंगाई निपाह गांव में हुई थी, जिसके नाम पर इसका नाम रखा गया। विशेषज्ञों के मुताबिक फल खाने वाले चमगादड़ (Fruit Bats) इस वायरस के प्रमुख वाहक माने जाते हैं। संक्रमित जानवरों या दूषित खाद्य पदार्थों के जरिए यह इंसानों तक पहुंच सकता है।

कैसे फैलता है निपाह वायरस?

निपाह वायरस के फैलने के कई रास्ते हैं-

संक्रमण का स्रोत

कैसे फैलता है

चमगादड़

लार, पेशाब या मल से दूषित फल

संक्रमित जानवर

विशेष रूप से सूअर और अन्य पशु

दूषित खाद्य पदार्थ

खजूर का रस या संक्रमित फल

संक्रमित व्यक्ति

लार, खांसी, शारीरिक संपर्क

अस्पताल

मरीज की देखभाल के दौरान संक्रमण

संक्रमण का सामान्य चक्र

  • चमगादड़ वायरस लेकर घूमते हैं।
  • फल या खाद्य पदार्थ दूषित हो जाते हैं।
  • इंसान संक्रमित फल या खाद्य पदार्थ खाता है।
  • वायरस शरीर में प्रवेश कर संक्रमण फैलाता है।
  • संक्रमित व्यक्ति से दूसरे लोगों में फैल सकता है।

क्यों माना जाता है इतना खतरनाक?

निपाह वायरस को दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में गिना जाता है। इसकी बड़ी वजहें-

  • मृत्यु दर 40% से 75% तक हो सकती है।
  • दिमाग में गंभीर सूजन (एन्सेफलाइटिस) पैदा कर सकता है।
  • संक्रमित व्यक्ति को कोमा तक पहुंचा सकता है।
  • अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
  • कोई विशेष एंटीवायरल दवा नहीं है।
  • अस्पतालों में भी संक्रमण फैलने के मामले सामने आ चुके हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे उन बीमारियों की सूची में शामिल किया है जिन पर विशेष शोध की आवश्यकता है।

Health News

निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?

संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई देते हैं, जिससे इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है।

शुरुआती लक्षण

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • शरीर और मांसपेशियों में दर्द
  • कमजोरी और थकान
  • गले में खराश
  • उल्टी

गंभीर लक्षण

  • चक्कर आना
  • भ्रम की स्थिति
  • सांस लेने में परेशानी
  • लगातार खांसी
  • दौरे पड़ना
  • दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस)
  • बेहोशी
  • कोमा

जानकारी के अनुसार, संक्रमण के लक्षण 4 से 14 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह अवधि 45 दिन तक भी पहुंच सकती है। 

भारत में निपाह का इतिहास

भारत में पहला निपाह संक्रमण 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दर्ज किया गया था। इसके बाद कई बार संक्रमण के मामले सामने आए।

भारत में प्रमुख निपाह प्रकोप

वर्ष

स्थान

कुल मामले

मौतें

2001

सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल

66

45

2007

नादिया, पश्चिम बंगाल

5

5

2018

कोझिकोड, केरल

19

17

2019

एर्नाकुलम, केरल

1

0

2021

कोझिकोड, केरल

1

1

2023

कोझिकोड, केरल

6

2

2024

मलप्पुरम, केरल

2

1

2026

कोझिकोड, केरल

1 संदिग्ध

जांच जारी

निपाह बनाम कोरोना: कौन ज्यादा खतरनाक?

मानक

निपाह वायरस

कोरोना वायरस

मृत्यु दर

40-75%

1-3%

फैलने की गति

सीमित

बहुत तेज

मुख्य असर

दिमाग और फेफड़े

श्वसन तंत्र

वैक्सीन

उपलब्ध नहीं

उपलब्ध

इलाज

लक्षण आधारित

दवाएं उपलब्ध

रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना ज्यादा तेजी से फैलता है, लेकिन निपाह संक्रमित व्यक्ति के लिए कहीं अधिक घातक साबित हो सकता है।

बचाव ही सबसे बड़ा हथियार

चूंकि निपाह वायरस का कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन नहीं है, इसलिए बचाव सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

क्या करें?

  • फलों को अच्छी तरह धोकर खाएं।
  • बार-बार साबुन से हाथ धोएं।
  • मास्क और व्यक्तिगत सुरक्षा का उपयोग करें।
  • स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।
  • संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या न करें?

  • गिरे हुए या आधे खाए फल न खाएं।
  • कच्चा खजूर का रस न पिएं।
  • संक्रमित व्यक्ति के करीब जाने से बचें।
  • चमगादड़ों और संक्रमित जानवरों के संपर्क में न आएं।
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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