इंदौर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां ‘इज्जत’ के नाम पर एक भाई ही अपनी बहन का कातिल बन बैठा। नंदानगर क्षेत्र में 18 वर्षीय शिवानी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके भाई शिवम राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि बहन के लड़कों से फोन पर बात करने के शक में गुस्साए भाई ने चाकू (गुप्ती) से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 27 मार्च को शिवानी गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थी, जहां भाई ने डॉक्टरों को गुमराह करते हुए कहा था कि वह सरिए से घायल हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे झूठ की परतें खोल दीं। रिपोर्ट में साफ हुआ कि युवती पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। इसके बाद पुलिस ने भाई शिवम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने कत्ल की कहानी कबूल कर ली।
फोन पर बात को लेकर भड़का, फिर बना बहन का जल्लाद
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे शक था कि शिवानी लड़कों से फोन पर बात करती है। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोपी के मुताबिक वह बहन को समझा रहा था, लेकिन कहासुनी बढ़ी और गुस्से में उसने गुप्ती उठाकर हमला कर दिया। एक के बाद एक वार से शिवानी लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
तड़पती बहन की आखिरी गुहार ‘भैया, मुझे बचा लो’
इस वारदात का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया, जब पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हमले के बाद घायल शिवानी तड़पते हुए भाई से कह रही थी। “मुझे बचा लो, अब मैं किसी से बात नहीं करूंगी…” यह सुनने के बाद आरोपी उसे खुद अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हत्या छिपाने रची झूठी कहानी
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने डॉक्टरों को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी कि शिवानी कपड़े लेने गई थी और गिरने से सरिया शरीर में घुस गया। डॉक्टरों को शक हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि कर दी, जिसके बाद आरोपी की साजिश बेनकाब हो गई।
ऑनर किलिंग एंगल से जांच
पुलिस इस पूरे मामले को ऑनर किलिंग के एंगल से भी देख रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी बहन के व्यवहार को लेकर नाराज था और इसी शक ने उसे कातिल बना दिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या का केस दर्ज कर लिया है।