इंदौर — शहर में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हाल ही में पुगलिया परिवार की दर्दनाक मौत के बाद अब एक और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। करोड़ों की लग्जरी स्पोर्ट्स कार भी आग के सामने बेबस नजर आई।
13 जनवरी को इंदौर की सड़क पर एक विदेशी टाइकान स्पोर्ट्स कार अचानक चलते-चलते आग का गोला बन गई। करीब 2.80 करोड़ रुपये कीमत की यह हाईटेक कार कुछ ही मिनटों में धू-धू कर जलती रही और देखते ही देखते पूरी तरह राख में तब्दील हो गई।
कार के मालिक संस्कार दरियानी के अनुसार, उस वक्त उनके पिता कार चला रहे थे। अचानक जलने की गंध आई और धुआं उठता दिखा। स्थिति भांपते हुए उन्होंने तुरंत कार रोकी और बाहर निकल गए। पास में मौजूद पीसीआर वैन से मदद ली गई और फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाना नामुमकिन साबित हुआ।
बताया गया कि शॉर्ट सर्किट की एक चिंगारी ने पूरी कार को आग के हवाले कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल में पूरा सिस्टम वायरिंग और बैटरी पर आधारित होता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों और पीड़ितों के अनुसार, यदि किसी कारण से वायर ढीले हो जाएं, चूहे उन्हें काट दें या सड़क की खराब स्थिति से वायरिंग प्रभावित हो जाए, तो बाद में गर्मी के कारण कभी भी स्पार्क होकर आग भड़क सकती है। भारतीय परिस्थितियों खराब सड़कें, अत्यधिक गर्मी और चूहों की समस्या को देखते हुए ईवी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे अग्निकांड
इंदौर में आग की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले साल अक्टूबर में एबी रोड स्थित कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के पेंटहाउस में भीषण आग लगी थी, जिसमें दम घुटने से उनकी मौत हो गई थी।