दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल की पत्नी और पूर्व प्रथम महिला किम की-योन ही को स्टॉक हेराफेरी, चुनाव में हस्तक्षेप और रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह मामला देश में राजनीतिक हलचल का केंद्र बन गया है, क्योंकि इससे पहले जुलाई में पूर्व राष्ट्रपति भी गिरफ्तार हो चुके हैं।

जुलाई में यून सुक योल को मार्शल लॉ लागू करने के असफल प्रयास के आरोप में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही यून और किम दक्षिण कोरिया के पहले पूर्व राष्ट्रपति दंपति बन गए हैं, जो एक साथ जेल में हैं।
मंगलवार को सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने किम की गिरफ्तारी वारंट को मंजूरी दी। अदालत ने कहा कि सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के चलते गिरफ्तारी जरूरी है। यह वारंट विशेष अभियोजक मिन जुंग-की की टीम ने मांगा था, जो कैपिटल मार्केट एक्ट, पॉलिटिकल फंड्स एक्ट और रिश्वतखोरी से संबंधित मामलों की जांच कर रही है।
किम पर 2009 से 2012 के बीच डॉयच मोटर्स (BMW डीलरशिप) के शेयर दाम में हेराफेरी का आरोप है। इसके अलावा, उन पर 2022 उपचुनाव और 2024 आम चुनाव में उम्मीदवार चयन में हस्तक्षेप करने तथा यूनिफिकेशन चर्च से एक शमन के जरिए महंगे तोहफे लेने का भी आरोप है। इन उपहारों के बदले व्यापारिक लाभ दिए जाने की आशंका है।
विशेष अभियोजक टीम कुल 16 आरोपों की जांच कर रही है, जिनमें यांगप्यॉन्ग में उनके परिवार की जमीन को लाभ पहुंचाने के लिए हाईवे का मार्ग बदलने और स्थानीय अपार्टमेंट प्रोजेक्ट में परिवार को प्राथमिकता देने के मामले भी शामिल हैं।
पिछले सप्ताह पूछताछ के दौरान किम ने सभी आरोपों से इनकार किया। शुरू में उन्हें सियोल डिटेंशन सेंटर भेजने की योजना थी, जहां उनके पति पहले से कैद हैं, लेकिन प्रशासन के अनुरोध पर उन्हें सियोल सदर्न डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया।
(इनपुट एएनआई)