Earthquake in America : साउथ अमेरिका के ड्रेक पैसेज में 7.5 तीव्रता का भूकंप, चिली ने जारी की सुनामी चेतावनी

सैंटियागो/ ब्यूनस आयर्स। साउथ अमेरिका के तटवर्ती इलाके में गुरुवार को जबरदस्त भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र अर्जेंटीना के दक्षिण में स्थित ड्रेक पैसेज क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 10.8 किलोमीटर गहराई में था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अब तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
सुनामी का खतरा, चिली ने जारी किया अलर्ट
भूकंप के बाद चिली की नेवी हाइड्रोग्राफिक और ओशनोग्राफिक सर्विस ने पूरे अंटार्कटिका क्षेत्र के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। हालांकि अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने इस झटके के बाद कोई चेतावनी नहीं दी है। विशेषज्ञ अभी भी लहरों की तीव्रता और समुद्री स्तर में बदलाव का आकलन कर रहे हैं।
ड्रेक पैसेज : संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र
ड्रेक पैसेज दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों में गिना जाता है। यह क्षेत्र दक्षिण अमेरिकी और अंटार्कटिक टेक्टोनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है, जिसकी वजह से यहां अक्सर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों के कारण यह इलाका पहले से ही खतरनाक माना जाता है।
हाल के दिनों में बढ़ी भूकंपीय गतिविधियां
- यह पहला मौका नहीं है जब इस इलाके में जोरदार झटके महसूस किए गए हों।
- मई 2025 में भी ड्रेक पैसेज के पास 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था।
- इससे पहले 30 जुलाई 2025 को रूस के कामचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया था। इसे दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप बताया गया था। इस झटके के चलते 5 मीटर तक ऊंची सुनामी उठी थी, जिसने कई इमारतों को नुकसान पहुंचाया था।
भूकंप क्यों आता है?
- धरती की सतह 7 बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है। ये प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने या रगड़ने के दौरान दबाव बढ़ने पर प्लेट्स टूटती हैं और भीतर की ऊर्जा सतह पर फैलती है। यही ऊर्जा धरती को हिलाती है, जिसे हम भूकंप कहते हैं।
- रिक्टर पैमाना भूकंप की तीव्रता नापने का पैमाना है, जो 1 से 9 तक होता है।
- 7 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप बेहद खतरनाक माना जाता है और कई बार सुनामी जैसी आपदाओं को जन्म देता है।
ये भी पढ़ें: विदेश मंत्री जयशंकर ने पुतिन से की मुलाकात, बोले- चीन रूस से सबसे अधिक तेल खरीद रहा, भारत पर अमेरिकी टैरिफ समझ से परे











