सोहागपुर नगर परिषद में बढ़ी खींचतान, कचरा गाड़ियों की गुणवत्ता पर भाजपा पार्षदों का विरोध
सोहागपुर नगर परिषद में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और भाजपा समर्थित पार्षदों के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। ताजा मामला कचरा संग्रहण के लिए खरीदी गई हाथ गाड़ियों का है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर भाजपा समर्थित पार्षदों ने आपत्ति जताई।
35 हाथ गाड़ियों से भरा ट्रक घंटों खड़ा रहा
गुरुवार को नगर परिषद के मंगल भवन परिसर में भोपाल के गोविंदपुरा स्थित एक फैक्ट्री से 35 हाथ कचरा गाड़ियों से भरा ट्रक पहुंचा। लेकिन विरोध के चलते ट्रक घंटों तक खाली नहीं हो सका।

पार्षदों ने गुणवत्ता और आकार पर उठाए सवाल
विरोध कर रहे पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों का कहना था कि लाई गई हाथ गाड़ियां दो पहियों वाली हैं और उनकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप था कि गाड़ियां आकार में छोटी हैं, इनमें कम कचरा आएगा और पतली चादर तथा हल्के एंगल से बनी होने के कारण ये जल्द खराब हो सकती हैं।
बातचीत के बाद निकला बीच का रास्ता
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि यशवंत पटेल सभी गाड़ियों को उतरवाना चाहते थे, जबकि विरोध कर रहे पार्षद उन्हें वापस भेजने की मांग पर अड़े रहे। बाद में फोन पर हुई चर्चा के बाद सहमति बनी कि केवल 4 हाथ गाड़ियां उतारी जाएं और बाकी गाड़ियों को वापस भेज दिया जाए।
दो स्वच्छता कर्मियों और जेसीबी की मदद से ट्रक से केवल 4 हाथ गाड़ियां उतारी गईं। इसके बाद शेष 31 गाड़ियों के साथ ट्रक को वापस फैक्ट्री भेज दिया गया।
विरोध में ये जनप्रतिनिधि रहे शामिल
हाथ कचरा गाड़ियों की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वालों में स्वास्थ्य शाखा सभापति शबाना खान के पति वसीम खान, अंबेडकर वार्ड पार्षद शोभा अहिरवार के पति जगदीश अहिरवार, गौतम वार्ड पार्षद कविता साहू के पति दीपक साहू, जवाहर वार्ड पार्षद अमृता चौरसिया के पति राकेश चौरसिया, तिलक वार्ड पार्षद शकुन सराठे के बेटे धर्मेंद्र सराठे और रामप्रसाद वार्ड पार्षद आशीष विश्वकर्मा मौजूद रहे।














