मढ़ई शराब दुकान के विरोध में चक्काजाम करने वालों पर केस, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 7 आरोपी
मढ़ई-सारंगपुर में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर 32 घंटे तक धरना चला। इसके बाद नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम रहा। पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज पटेल और घनश्याम कीर सहित पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रदर्शन के कारण मढ़ई घूमने जा रहे देशी-विदेशी पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर 32 घंटे तक धरना
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में मढ़ई-सारंगपुर स्थित शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर आदिवासी महिलाओं ने मंगलवार सुबह 11 बजे से बुधवार शाम 5 बजे तक धरना दिया। महिलाएं पूरी रात खुले आसमान के नीचे सड़क पर बैठी रहीं। धरने में कांग्रेस नेता पुष्पराज पटेल और कांग्रेस नेत्री सुरेखा शाह भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान के आसपास नशे में रहने वाले लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे वहां से गुजरने वाली महिलाओं और स्कूली छात्राओं को बदसलूकी और अभद्रता का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के चलते वे लंबे समय से दुकान हटाने की मांग कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से शराब दुकान को आगामी 1 अप्रैल तक हटाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद महिलाएं मांग पूरी होने तक धरने पर बैठी रहीं। इस दौरान मढ़ई जाने वाले मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ।
स्टेट हाईवे पर एक घंटे तक चक्काजाम
शराब दुकान के सामने चल रहा धरना समाप्त होने के बाद आदिवासी महिला-पुरुष नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर लांघा-बम्होरी फांके के पास पहुंचकर बैठ गए। इससे हाईवे पर चक्काजाम हो गया और करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। सड़क पर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी हुई। सोहागपुर पुलिस ने चक्काजाम करने के मामले में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज पटेल, मालनवाड़ा निवासी घनश्याम कीर और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। एसडीओपी अरविंद शाह ने बताया कि धरना-प्रदर्शन करना प्रत्येक व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेकर चक्काजाम करना उचित नहीं है। पुलिस ने मामले में दो नामजद और पांच अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
अमेरिकी पर्यटकों सहित देशी-विदेशी सैलानी परेशान
धरने और रास्ता बाधित होने के कारण मढ़ई घूमने जा रहे देशी-विदेशी पर्यटकों को भी परेशानी हुई। यूनाइटेड स्टेट्स से बच्चों के साथ आए एक बुजुर्ग पर्यटक ने बताया कि वे मढ़ई पर्यटन स्थल देखने पहुंचे थे, लेकिन रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक लिया। अन्य पर्यटक भी रास्ते में फंसे रहे। पर्यटकों के आग्रह के बावजूद उन्हें तत्काल रास्ता नहीं दिया गया। बाद में पुलिस और प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग से उन्हें होटल तक पहुंचाने की व्यवस्था की। शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन स्थानीय लोगों के साथ-साथ मढ़ई घूमने आए पर्यटकों के लिए भी परेशानी का कारण बना।






















