Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
Naresh Bhagoria
16 Jan 2026
गुना। जिले के राघौगढ़ क्षेत्र में वर्षों से सांप पकड़कर लोगों की जान बचाने वाले दीपक महाबर की खुद सर्पदंश से मौत हो गई। 42 वर्षीय दीपक कटरा मोहल्ला के निवासी थे और जेपी यूनिवर्सिटी में नियमित रूप से स्नेक कैचर के रूप में पदस्थ थे। उनका यह काम सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक सामाजिक सेवा बन चुका था। उन्होंने बिना किसी शुल्क के सैकड़ों लोगों को सांपों से राहत दिलाई और पकड़े गए सर्पों को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
सोमवार को उन्हें राघौगढ़ के बरबटपुरा इलाके से एक घर में सांप निकलने की सूचना मिली। दीपक तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। उसी दौरान उनके बेटे की स्कूल से छुट्टी हो चुकी थी और वह अपने पिता का इंतजार कर रहा था। दीपक पकड़े गए सांप को साथ लेकर सीधे बेटे को लेने स्कूल पहुंचे।
स्कूल से बेटे को लेकर लौटते समय रास्ते में अचानक दीपक को उसी सांप ने काट लिया, जिसे वे कुछ देर पहले पकड़कर सुरक्षित कर चुके थे। सर्पदंश के तुरंत बाद उन्हें परिजनों ने राघौगढ़ के अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया। हालत में सुधार दिखने पर दीपक शाम को घर लौट आए, लेकिन रात में उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई।
रात में अचानक बिगड़ती तबीयत देख परिजन उन्हें दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मंगलवार तड़के लगभग 4 बजे दीपक ने दम तोड़ दिया। मंगलवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दीपक महाबर की असामयिक और दर्दनाक मौत से पूरे राघौगढ़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। दीपक महावर को इलाके में सर्प मित्र के रूप में जाना जाता था। वे अब तक सैकड़ों घरों से सांप पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ चुके थे।