Manisha Dhanwani
9 Jan 2026
World Orphans Day उन बच्चों के लिए समर्पित है जिन्होंने अपने माता‑पिता को खो दिया है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि इन बच्चों को सिर्फ खाना और घर की जरूरत ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा, पोषण और प्यार की भी आवश्यकता होती है। पहली बार इसे 2006 में The Stars Foundation ने शुरू किया था और तब से यह दुनिया भर में कार्यक्रमों, चैरिटी और अनाथालयों में सहयोग के माध्यम से मनाया जाता है।
विश्व अनाथ दिवस का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों की स्थिति को उजागर करना है जिन्होंने किसी या दोनों माता पिता को खो दिया है और जो सामाजिक, आर्थिक तथा भावनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह दिन सिर्फ उनके भोजन या आश्रय की आवश्यकता तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और स्नेहपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर देता है। यह दिन समाज, सरकार और नागरिकों को प्रेरित करता है कि वे मिलकर ऐसे बच्चों को अपनी पूरी क्षमता के अनुसार आगे बढने का अवसर दें।
यह दिवस अमेरिका स्थित गैर लाभकारी संस्था The Stars Foundation द्वारा शुरू किया गया। इस संस्था ने विशेष रूप से अनाथ और बेघर बच्चों की सहायता के लिए कार्य किया और 2009 में इसे पहली बार विश्व स्तर पर व्यवस्थित रूप से मनाया। तब से यह दिवस शहरों, गावों, एनजीओ और स्वयंसेवकों के सहयोग से अनाथ बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का माध्यम बन गया।
विश्व अनाथ दिवस हर साल नवंबर के दूसरे सोमवार को मनाया जाता है। अमेरिका में नवंबर को गोद लेने का माह माना जाता है, इसलिए इस तिथि का चयन अनाथ बच्चों के कल्याण को जोडने के लिए किया गया। हालांकि कुछ जगहों पर अप्रैल के 20 तारीख को भी इसे मनाने का उल्लेख मिलता है, लेकिन व्यापक रूप से इसे नवंबर के दूसरे सोमवार को ही मनाया जाता है।

इस साल विश्व अनाथ दिवस की थीम है Inspiring Charity। इस थीम के माध्यम से लोगों को अनाथ बच्चों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह दिन सिर्फ याद करने का नहीं है बल्कि यह संदेश देता है कि हर बच्चा सही मदद, प्यार और मार्गदर्शन मिलने पर अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकता है।
विश्व भर में अनाथ बच्चों की संख्या चिंतनीय है। अनुमानित तौर पर लगभग 1.53 करोड़ बच्चे किसी न किसी रूप में अनाथ हैं। इन्हें सामाजिक असुरक्षा, आर्थिक कठिनाइयाँ और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई बार ये बच्चे विस्थापन, युद्ध या प्राकृतिक आपदा वाले क्षेत्रों में रहते हैं और शोषण या अन्य गलत प्रवृत्तियों के शिकार हो जाते हैं।
विश्व अनाथ दिवस पर योगदान करने के कई तरीके हैं:
हालांकि यह दिवस पिछले वर्षों में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त कर चुका है, लेकिन बच्चों की समस्याओं का समाधान अभी लंबी अवधि का कार्य है। बच्चों को सिर्फ सुख सुविधा नहीं बल्कि परिवार समान वातावरण, भावनात्मक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की आवश्यकता है। इसके लिए स्थायी उपाय जैसे गोद लेना, सक्रिय देखभाल, शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा सामुदायिक समावेशन आवश्यक हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म, सामाजिक नेटवर्क और कॉर्पोरेट संसाधन इस दिशा में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसके माध्यम से मदद केवल दान तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि व्यक्तिगत जुड़ाव, समय देना और समान अवसर बनाने का रास्ता खुलेगा। इस प्रकार, विश्व अनाथ दिवस बच्चों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का प्रेरक दिवस बनकर रहेगा।