सिंगरौली में पेड़ों की कटाई का विरोध, ग्रामीण ने उठाया आत्मघाती कदम; अस्पताल में भर्ती

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में ईएमआईएल बंधा कोल ब्लॉक के लिए हो रही पेड़ों की कटाई और विस्थापन को लेकर विवाद बढ़ गया है। ग्राम पंचायत बंधा के पिडरवाह में एक ग्रामीण ने पेड़ों की कटाई से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि ग्रामीण विश्वनाथ प्रसाद बिन्द अपने पुश्तैनी महुआ के पेड़ों को कटते देखकर परेशान थे। इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की। समय रहते साथी ग्रामीणों की नजर पड़ गई और उन्होंने उन्हें बचाकर अस्पताल पहुंचाया।
आठ बच्चों की जिम्मेदारी
विश्वनाथ प्रसाद बिन्द के परिवार में आठ बच्चे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनका परिवार जंगल और महुआ से होने वाली आमदनी पर काफी हद तक निर्भर है। उनका आरोप है कि जमीन के उचित मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, विश्वनाथ अपनी जमीन, मुआवजे और पुनर्वास से जुड़ी समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों और कंपनी के कार्यालय के चक्कर लगा चुके थे।
ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी पर लगाए आरोप
सरपंच संघ के अध्यक्ष दरोगा पाठक ने आरोप लगाया कि पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था किए बिना पेड़ों की कटाई करना गलत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो खदान का काम रोकने के लिए आंदोलन किया जा सकता है। वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है।
डॉक्टर बोले- हालत स्थिर
घटना के बाद विश्वनाथ को बैढ़न ट्रामा सेंटर ले जाया गया। चिकित्सक डॉ. राहुल पाठक के मुताबिक, उन्हें गंभीर और अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉक्टर के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बताई जा रही है। कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

















