सिंहस्थ 2028 की बड़ी तैयारी:उज्जैन के साथ 7 जिलों के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर खर्च होंगे 3,778 करोड़ रुपए

अशोक गौतम, भोपाल। सरकार पहली बार महाकाल के साथ अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों की भी ब्रांडिंग करेगी। वर्तमान में 800 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य चल रहे हैं और सभी विभागों को वर्ष 2027 तक इन्हें पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। रोड कनेक्टिविटी, घाट, मंदिर परिसर और यात्री सुविधाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग इन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करेगा।
नलखेड़ा बायपास से लेकर बड़वाह-धामनोद मार्ग तक बड़े प्रोजेक्ट
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा बगलामुखी माता मंदिर तक आसान पहुंच के लिए 2.20 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड बायपास बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर 822 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। वहीं, मंदसौर में पोलाडूंगर से भानपुरा तक 44.90 किलोमीटर सड़क 109 करोड़ रुपए से बनाई जा रही है। शाजापुर-उज्जैन-मक्सी मार्ग का निर्माण 203 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। इसके अलावा मोटक्का कोठी से ओंकारेश्वर तक 134 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन सड़क और बड़वाह-धामनोद मार्ग का चौड़ीकरण 1,175 करोड़ रुपए से अधिक राशि से किया जा रहा है।
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ओंकारेश्वर, ममलेश्वर और अहिल्या लोक पर विशेष फोकस
ममलेश्वर मंदिर कॉम्प्लेक्स के निर्माण, स्थल विकास और पर्यटक सुविधाओं पर 119 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसके लिए वन एवं पर्यावरण सहित अन्य आवश्यक अनुमतियां ली जा रही हैं। ओंकारेश्वर और नावघाट खेड़ी में 163 करोड़ रुपए से घाट निर्माण किया जा रहा है। खरगोन में 110 करोड़ रुपए की लागत से अहिल्या लोक का निर्माण होगा। वहीं, इंदौर में दरबार हॉल, राजवाड़ा और लालबाग पैलेस का 60 करोड़ रुपए से उन्नयन किया जा रहा है।
परिक्रमा पथ, ओंकारेश्वर सर्किट और भक्त निवास का निर्माण
ओंकारेश्वर में 13.95 करोड़ रुपए से परिक्रमा पथ का विकास किया जा रहा है। गोविंद भगवत्पाद (आदि शंकराचार्य) गुफा के संरक्षण पर 75 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही 70 करोड़ रुपए से ओंकारेश्वर सर्किट विकसित किया जा रहा है, जिसमें इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर में यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। दूधीखेड़ा मातामंदिर के पास 3 करोड़ रुपए की लागत से भक्त निवास का निर्माण भी प्रस्तावित है।
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महाकाल के साथ अन्य धार्मिक स्थलों की भी होगी ब्रांडिंग
सरकार पहली बार सिंहस्थ के दौरान महाकाल के साथ प्रदेश के अन्य धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग इन स्थलों की विशेषताओं को देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का काम करेगा। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग संजय दुबे के अनुसार, उज्जैन के साथ आसपास के सात जिलों के धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का विकास, सुविधा केंद्र और पहुंच मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान महाकाल लोक के साथ इन सभी धार्मिक स्थलों को भी प्रमुखता से प्रचारित किया जाएगा।












