Peoples Update Special :सरकार की कार पूलिंग अपील बेअसर:दो हफ्ते बाद भी अफसर नहीं छोड़ पाए सरकारी गाड़ियां, अकेले ही कर रहे सफर

मध्यप्रदेश सरकार ने ईंधन बचत के लिए अधिकारियों को कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए थे। दो हफ्ते बाद भी मंत्रालय में अफसर सरकारी गाड़ियों से ही आ-जा रहे हैं।
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दो हफ्ते बाद भी अफसर नहीं छोड़ पाए सरकारी गाड़ियां, अकेले ही कर रहे सफर
सरकार की कार पूलिंग अपील हुई बेअसर

लेखक: पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। शासन की मितव्ययता और ईंधन बचत की अपील का असर सरकारी अधिकारियों पर दिखाई नहीं दे रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देश के बावजूद अब तक किसी भी विभाग के अधिकारियों ने कार्यालय आने-जाने के लिए कार पूलिंग या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल शुरू नहीं किया है। सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों से ईंधन की बचत और खर्चों में कमी लाने के उद्देश्य से कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की अपील की थी, लेकिन दो सप्ताह बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

19 जून को जारी हुए थे निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 जून 2026 को सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। निर्देशों में यह भी कहा गया था कि विभाग प्रमुख और कलेक्टर सरकारी कार्यालयों में मितव्ययता को बढ़ावा दें और आम लोगों के बीच भी ईंधन बचत को लेकर जागरूकता अभियान चलाएं।

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मंत्रालय में नहीं दिखा आदेश का असर

सरकारी निर्देश जारी होने के बाद भी मंत्रालय आने वाले अधिकारियों के व्यवहार में कोई बदलाव नजर नहीं आया। रिपोर्ट के अनुसार, लगातार चार दिनों तक मंत्रालय पहुंचने वाले अधिकारियों की स्थिति देखने पर सामने आया कि अवर सचिव से लेकर अपर मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारी अब भी अपनी-अपनी सरकारी गाड़ियों से ही कार्यालय आ-जा रहे हैं।

दिनांक : 8 जुलाई 2026 -समय : 1 से 2 बजे के बीच 

Bhopal Car Pooling

 लंच के बाद उप सचिव माधवी नागेन्द्र उपलब्ध सरकारी वाहन से अकेले कार्यालय पहुंची। पोर्च में प्यून ने फाइलें आदि संभाली।

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लंच के लिए ले जाने आया वाहन: अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमि लंच के लिए सरकारी वाहन से जाती हुईं।

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साहब के इंतजार में: यह सरकारी वाहन मंत्रालय के प्रमुख द्वार के सामने 20 मिनट तक खड़ा रहा। साहब के आने का पहले से इंतजार। काफी देर तक इनोवा वाहन स्टार्ट भी खड़ा रहा।

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बस्ता ढोने में लगी गाड़ी: यह वाहन जिस भी अधिकारी है इसमें स्टाफ द्वारा बस्ते के आठ बंडल रखे गए। वाहन के पास खड़े कर्मचारी आपस में कह रहे कि चौहान साहब को बाद में ले जाएंगे।

 दिनांक : 7 जुलाई 2026  समय : 1 से 2 बजे के बीच 

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7 जुलाई मंगलवार: मध्यप्रदेश शासन लिखे इनोवा क्रिस्टा में हूटर भी लगा है, यह वाहन साहब के साथ शहर के मुख्य सड़क पर देखी गई।

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पीडब्ल्यूडी के अफसर भी: लोक निर्माण विभाग के पीआईयू प्रमुख अभियंता एसआर बघेल का वाहन। मीटिंग में शामिल होने के बाद अपने कार्यालय जाते हुए।

कार पूलिंग सिर्फ कागजों तक सीमित

सरकार का उद्देश्य था कि एक ही दिशा में आने-जाने वाले अधिकारी एक वाहन साझा करें जिससे ईंधन की बचत हो और सरकारी खर्च कम किया जा सके। लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक किसी भी विभाग में कार पूलिंग व्यवस्था लागू होती नजर नहीं आई है।

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ईंधन बचत के लिए पीएम ने भी किया है आह्वान

केंद्र सरकार की ओर से भी समय-समय पर ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर अपील की जाती रही है। इसी के तहत राज्य सरकार ने अधिकारियों से अपने स्तर पर पहल करने को कहा था। हालांकि सरकारी आदेश के बावजूद अफसरों की पुरानी व्यवस्था में बदलाव नहीं आया है और अधिकांश अधिकारी अब भी सरकारी वाहनों से ही सफर कर रहे हैं।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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