Earthquake Tremors:महाराष्ट्र में आधी रात चार बार कांपी धरती, हिंगोली-नांदेड़ समेत कई जिलों में महसूस हुए भूकंप के झटके!

महाराष्ट्र। मराठवाड़ा इलाके में गुरुवार तड़के लगातार चार बार भूकंप आने से लोगों में दहशत फैल गई। रात के समय आए इन झटकों ने लोगों की नींद तोड़ दी और कई परिवार एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। सबसे अधिक झटके हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार भूकंप की तीव्रता मध्यम रही और किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
एक ही रात में चार बार हिली धरती
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में लोगों ने एक ही रात चार बार भूकंप के झटके महसूस किए। यह घटना हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में हुई, जहां रात करीब डेढ़ बजे से लेकर सुबह तीन बजे के बीच अलग-अलग समय पर धरती कांपी। अचानक आए झटकों से लोग घबरा गए और कई परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए। लगातार आए भूकंप के कारण पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया।
रिक्टर स्केल पर 3.6 से 4.6 रही तीव्रता
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार सबसे तेज भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 दर्ज की गई। इसके बाद 3.6, 3.9 और 4.1 तीव्रता के अन्य झटके भी महसूस किए गए। सभी भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था।
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बारिश के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
महाराष्ट्र पहले से ही लगातार हो रही मानसूनी बारिश का सामना कर रहा है। ऐसे समय में आधी रात आए भूकंप ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। कई इलाकों में लोग बारिश के बीच ही घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर बाद हालात सामान्य हो गए लेकिन लोगों में देर तक डर बना रहा।
किसी नुकसान की सूचना नहीं
प्रशासन के मुताबिक अभी तक किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। राहत और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और जरूरत पड़ने पर केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करें।
पहले भी महसूस हुए थे तेज झटके
भारत में इससे पहले जून के आखिर में अफगानिस्तान में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप के झटके उत्तर भारत के कई राज्यों में महसूस किए गए थे। उस दौरान दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में भी लोग घरों से बाहर निकल आए थे। हालांकि उस घटना में भी भारत में किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई थी।
भूकंप क्यों आता है?
धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटें लगातार धीरे धीरे खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या अचानक अपनी जगह बदलती हैं, तब बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। यही ऊर्जा भूकंप के रूप में महसूस होती है। वैज्ञानिक लगातार इन गतिविधियों पर नजर रखते हैं, लेकिन भूकंप आने का सटीक समय पहले से बताना अभी भी संभव नहीं है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील की
भूकंप के बाद प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। अगर भविष्य में दोबारा झटके महसूस हों तो लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और बिजली या गैस से जुड़े उपकरणों से दूरी बनाए रखें।











