भोपाल। आरक्षण के मुद्दे पर ब्राह्मण की बेटी दान… करने जैसा अमर्यादित बयान देकर सुर्खियों में आए प्रदेश के IAS अधिकारी संतोष वर्मा को सरकार ने बुधवार देर रात कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी नोटिस में उनके बयान को सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने और आपसी वैमनस्यता बढ़ाने वाला बताया है। बयान को सिविल सेवा नियमों के विपरीत और कदाचरण की श्रेणी में शामिल करते हुए उन्हें सात दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा है।
अनूसूचित जाति -जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के पदाधिकारी आईएएस वर्मा ने रविवार को एक सम्मेलन के दौरान कहा था कि जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी, मेरे बेटे को दान ना कर दे, अथवा संबंध न बना ले तब तक आरक्षण व्यवस्था जारी रहना चाहिए। इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में ब्राह्मण वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। वर्मा के खिलाफ एफआईआर करने की मांग तमाम सामाजिक संगठनों ने की है। इसका विरोध बुधवार को चौथे दिन बाद भी जारी रहा। नोटिस में सरकार ने वर्मा को चेतावनी दी है कि समायावधि में नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि वर्मा ने अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियम 1968 के तमाम नियम का उल्लंघन किया है।
अपने बयान को लेकर IAS संतोष वर्मा ने माफी मांग ली थी। उन्होंने कहा था कि मेरे बयान को गलत तरीके से लिया गया। हालांकि माफी मांगने के बाद भी उनके प्रति लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, भोपाल, जबलपुर और अन्य कई शहरों में उनके खिलाफ थानों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। वहीं सनातन सेना ने वर्मा का मुंह काला करने वाले को 51 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की गई थी।