
शिमला। हिमाचल प्रेदश की राजधानी शिमला के संजौली में मस्जिद को लेकर चल रहा हिंदू संगठनों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिंदू संगठन संजौली स्थित मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर हनुमान चालीसा पढ़ा और जय श्रीराम के नारे लगाए। इस विरोध प्रदर्शन के लिए भारी तादात में जमा हुए हिंदू संगठन के लोगों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी।
वहीं मौके पर तैनात पुलिसबल प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन भी चलाया। प्रदर्शनकारी मस्जिद की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कैसे हुई विवाद की शुरुआत
संजौली मस्जिद 1947 से पहले बनी थी। ताजा विवाद 31 अगस्त को दो गुटों में हुए झगड़े से शुरू हुआ। इसके बाद हिंदू संगठनों ने मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने की मांग शुरू कर दी। जब 2010 में मस्जिद की पक्की इमारत बननी शुरू हुई तब इसे लेकर नगर निगम में शिकायत की गई थी। नगर निगम अवैध निर्माण हटाने के लिए मस्जिद को 35 बार आदेश दे चुका है। यह मस्जिद 5 मंजिला ऊंची है।
5 सितंबर को विभिन्न हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर आकर मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम भी दिया था।
शिमला में धारा 163 लागू
इस मामले को बढ़ता देख इलाके में धारा 163 लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने या किसी भी तरह का हथियार साथ लेकर चलने की मनाही होगी। हालांकि स्कूल, कॉलेजों या बाजार पर इसका कोई असर नहीं होगा। शांति बनाए रखने को लेकर पुलिस ने 10 सितंबर को फ्लैग मार्च भी निकाला था।
इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की मनाही नहीं है लेकिन प्रदर्शनकारियों को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मस्जिद में कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए।