Shivani Gupta
20 Jan 2026
श्रीनगर। कांग्रेस नेता और थिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को आतंकवादी घटनाओं पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद 1989-90 में कश्मीर से शुरू हुआ और धीरे-धीरे मुंबई, पुणे से लेकर दिल्ली तक फैल गया है। भारत पिछले 30 साल से आतंकवाद से चुनौती झेल रहा है। अब इस पर कठोर और असरदार एक्शन की जरूरत है। उनका यह बयान नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अबदुल्ला के दिल्ली ब्लॉस्ट पर दिए गए बयान के बाद सामने आया है।
थरूर ने आगे कहा- हर आतंकी घटना में दो चीजें बेहद जरुरी होती हैं। दरअसल इसमें यह पता लगाना कि वारदात किसने और क्यों की जिससे ऐसे हमलों को दोबारा होने से रोकने के उपाय मिल सके। हर मुद्दे को युद्ध और शांति के चश्मे से नहीं परखा जा सकता। आतंकवाद पर सख्ती जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही देश के विकास के बड़े लक्ष्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
हर कश्मीरी पर उंगली उठाई जा रही है। वो दिन कब आएगा जब वे मानेंगे कि हम हिंदुस्तानी हैं। हम इसके जिम्मेदार नहीं। जो जिम्मेदार हैं, उनसे पूछिए कि इन डॉक्टरों को ये रास्ता क्यों अपनाना पड़ा? क्या वजह थी? इसकी गहन जांच और अध्ययन की जरूरत है। दरअसल शनिवार को श्रीनगर में फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर से कुछ नहीं निकला। उम्मीद है कि अब यह नहीं होगा। इसमें हमारे 18 लोग मारे गए। हमारी सीमाओं से समझौता किया गया।
दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट केस में हरियाणा के फरीदाबाद से जब्त किए गए 360 किलोग्राम विस्फोटक में 14 नवंबर देर रात कश्मीर के नौगाम थाने में बड़ा धमाका हुआ था। इसमें 9 लोगों की मौत हुई और 32 जख्मी हुए। इनमें 27 पुलिसकर्मी हैं। यह विस्फोटक पिछले हफ्ते फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर आतंकी डॉ. मुजम्मिल से जब्त किया गया था। थाने में रात 11:20 बजे जब फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम विस्फोटक पदार्थ से सैंपल ले रही थी, तभी ब्लास्ट हो गया।