Aniruddh Singh
13 Jan 2026
Aniruddh Singh
12 Jan 2026
Aniruddh Singh
11 Jan 2026
मुंबई। भारतीय शेयर बाजारों में आज लगातार बड़ी हलचल देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत आज के तेजी में हुई, लेकिन बाद में शुरू हुई प्राफिट बुकिंग और वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से बाजार में दबाव देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। कारोबार की शुरुआत में बाजार ने मजबूती दिखाई, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मुनाफावसूली और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं के चलते बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया। इसका असर यह हुआ कि सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से 900 अंक से ज्यादा टूट गया और निफ्टी भी गिरावट देखने को मिली।बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स कारोबार के अंत में 268.67 अंक या 0.32% की गिरावट के साथ 83,609.50 पर बंद हुआ जबकि, निफ्टी 72.45 अंक की गिरावट के साथ 25,717.80 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय इंट्रा डे हाई 84,258 के आसपास पहुंचा था, लेकिन बाद में लगातार गिरावट के साथ यह 83,324 के निचले स्तर तक आ गया। अंत में सेंसेक्स 268 अंकों की कमजोरी के साथ 83,609 के आसपास बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ने भी दिन में 25,899 के स्तर को छुआ, लेकिन वहां से फिसलकर 25,627 तक आ गया और आखिर में 25,717 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर की इस गिरावट ने यह साफ कर दिया कि ऊपरी स्तरों पर निवेशक अभी जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। इस गिरावट के चलते बाजार पूंजीकरण में भी बड़ी कमी देखने को मिली। बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप लाखों करोड़ रुपये घट गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा। हालांकि सुबह के सत्र में माहौल सकारात्मक था।
अमेरिका से जुड़े व्यापारिक संकेतों में नरमी और आईटी सेक्टर की कुछ कंपनियों के शुरुआती नतीजों ने बाजार को सहारा दिया था। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक जैसी कंपनियों के प्रदर्शन से निवेशकों को उम्मीद जगी थी, लेकिन यह भरोसा ज्यादा देर कायम नहीं रह सका। दोपहर के बाद बिकवाली का दबाव तेज हो गया। कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे बाजार की दिशा पलट गई। आईटी, टेलीकॉम और कुछ मिडकैप शेयरों में कमजोरी ने भी धारणा को प्रभावित किया। इसके बावजूद बाजार में पूरी तरह नकारात्मक माहौल नहीं रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो गिरने वाले शेयरों की संख्या के मुकाबले बढ़ने वाले शेयर भी अच्छी खासी संख्या में रहे, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में चुनिंदा हिस्सों में खरीदारी बनी हुई है।
आज के कारोबार में कुछ शेयरों ने शानदार प्रदर्शन भी किया। केमिकल और स्पेशलिटी सेक्टर की कुछ कंपनियों में दोहरे अंकों की तेजी देखने को मिली, जिससे यह साफ है कि निवेशक अब भी सेक्टर-विशेष और स्टॉक-विशेष रणनीति अपना रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ बड़े नामों में तेज गिरावट ने यह याद दिलाया कि मौजूदा माहौल में अस्थिरता का खतरा बना हुआ है। कुल मिलाकर, आज का दिन यह दिखाता है कि भारतीय शेयर बाजार अभी संतुलन तलाशने की स्थिति में है। एक तरफ सकारात्मक संकेत और चुनिंदा अच्छे नतीजे हैं, तो दूसरी ओर वैश्विक अनिश्चितता और मुनाफावसूली का दबाव है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों के रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और सोच-समझकर फैसले लेने का माना जा रहा है। इस गिरावट के साथ बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 468.09 लाख डॉलर या 5.19 ट्रिलियन डालर के स्तर पर आ गया।