Share Market Today :सेंसेक्स 983 अंक लुढ़का, निफ्टी भी 275 अंक फिसला, IT शेयरों में भारी बिकवाली

शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता साफ नजर आई। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद BSE Sensex 983 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 76,681 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 275 अंक टूटकर 23,898 पर आ गया। आज के कारोबार में खासतौर पर IT और मीडिया सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिसने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
अमेरिका-ईरान तनाव का सीधा असर
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात रहे। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट में बेचैनी पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भले ही सीजफायर की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया हो, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दो जहाजों को कब्जे में ले लिया है। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है, ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।
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IT शेयरों में बिकवाली, इंफोसिस सबसे ज्यादा प्रभावित
आज की गिरावट में IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। खासतौर पर Infosys के शेयर में बड़ी गिरावट ने पूरे सेक्टर को नीचे खींच लिया। कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों के बाद इसका शेयर 6.92% से ज्यादा गिरकर 1,155 रुपए पर बंद हुआ, जो कि पिछले पांच साल का निचला स्तर है। हालांकि, कंपनी के नतीजे पूरी तरह कमजोर नहीं रहे। सालाना आधार पर उसका मुनाफा 21% बढ़कर 8,501 करोड़ रुपए तक पहुंचा। इसके बावजूद बाजार की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने की वजह से निवेशकों ने शेयरों में बिकवाली की।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही। 23 अप्रैल को विदेशी निवेशकों (FII/FPI) ने करीब 3,200 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। अगर पूरे महीने की बात करें, तो अब तक विदेशी निवेशक करीब 47,000 करोड़ रुपए की निकासी कर चुके हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी की है, लेकिन वह विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है।
लगातार दूसरे दिन गिरा बाजार
यह लगातार दूसरा दिन है जब बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इससे पहले 23 अप्रैल को भी BSE Sensex 852 अंक गिरकर 77,664 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 50 में 205 अंकों की गिरावट आई थी।












