मुंबई। भारतीय शेयर बाजार ने आज यानी गुरुवार 25 सितंबर को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बुल्स कुछ ताकत लगाते दिखे लेकिन अंततः बाजार गिरावट की ओर झुक गया। 1050 बजे तक बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 162 अंकों से अधिक टूटकर 81,553.38 के स्तर पर ट्रेड करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई का निफ्टी 52.50 अंकों की गिरावट के साथ 25,004.40 के स्तर पर आ गया। इसका मतलब है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बना बिकवाली का दबाव आज भी बाजार पर हावी है। सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में बढ़त में दिख रहे हैं, जबकि 19 लाल निशान में हैं, जो यह दिखाता है कि समग्र माहौल अभी भी दबाव में बना हुआ है।
अगर सेक्टोरल इंडेक्स देखें तो बैंकिंग सेक्टर में हल्की मजबूती दर्ज की गई और बीएसई बैंकएक्स 0.12% की बढ़त के साथ 62,198 पर पहुंचा। इसी तरह बीएसई भारत 22 इंडेक्स भी 0.25% की बढ़त में रहा। दूसरी ओर, सेंसेक्स और सेंसेक्स 50 में मामूली गिरावट हुई। आज के टॉप गेनर्स की बात करें तो हिंद कॉपर में 6.8% की तेजी रही और शेयर 329.50 रुपए पर जा पहुंचा। केआईओसीएल 5.84% की बढ़त के साथ 469.95 रुपए पर, वी-गार्ड 5.76% की तेजी के साथ 386.70 रुपए पर और इनॉक्स ग्रीन 5% चढ़कर 205.90 रुपए पर पहुंच गया। इसके अलावा न्यूजेन के शेयर 4.87% ऊपर रहे। यह संकेत है कि मेटल, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
दूसरी तरफ टॉप लूज़र्स में टाटा इन्वेस्टमेंट 4.65% टूटकर 8,430 रुपए पर, एडेलवाइस 3.68% गिरकर 116 रुपए पर, टाटा मोटर्स 3.07% टूटकर 661 रुपए पर, बजाज इलेक्ट्रिकल्स 2.89% गिरकर 574 रुपए पर और अकुटास 2.88% की गिरावट के साथ 1,408 रुपए पर बंद हुए। खासकर टाटा मोटर्स पर दबाव तब बढ़ा जब खबर आई कि उसकी सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर को साइबर अटैक से लगभग 2 बिलियन पाउंड का नुकसान हो सकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर में ज्यादा हलचल नहीं रही। हालांकि सिटी रिसर्च ने बैंक को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है और इसे खरीदने की सलाह देते हुए 1050 रुपए का लक्ष्य मूल्य दिया है।
बीएसई पर इस समय लगभग 3881 शेयरों में कारोबार होता दिख रहा है, जिसमें से 1930 शेयर बढ़त में और 1734 शेयर गिरावट में है। इसका मतलब यह है कि बाजार का संतुलन पूरी तरह नकारात्मक नहीं है, बल्कि उतार-चढ़ाव भरा माहौल है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4,60.96 लाख करोड़ रुपए है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार दबाव में बना हुआ है। हालांकि कुछ सेक्टर और कंपनियां निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक बने हुए हैं। निवेशकों के लिए यह दौर सतर्कता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से रणनीति बनाने का समय है।