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Share Market Crash :700 अंक तक टूटा सेंसेक्स, कुछ घंटों में निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए साफ

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 700 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 23,900 के नीजे फिसल गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली, टेक शेयरों पर दबाव और दक्षिण कोरिया के बाजार में भारी गिरावट का असर भारतीय निवेशकों पर भी पड़ा। करीब 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई।
700 अंक तक टूटा सेंसेक्स, कुछ घंटों में निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए साफ

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 700 अंकों तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,900 से नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ ही घंटों के कारोबार में निवेशकों की कुल संपत्ति करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक घट गई।  विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट की शुरुआत विदेशी बाजारों से हुई, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। खासकर टेक्नोलॉजी और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार की हालत और खराब कर दी।

दक्षिण कोरिया से शुरू हुआ दबाव, भारत तक पहुंचा असर

मंगलवार को एशियाई बाजारों में सबसे ज्यादा चर्चा दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार की रही। वहां का प्रमुख सूचकांक कोस्पी (KOSPI) करीब 10 प्रतिशत तक टूट गया। हालात इतने बिगड़ गए कि बाजार में ट्रेडिंग को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी बाजार में टेक कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी का असर सबसे पहले एशियाई बाजारों पर पड़ा। दक्षिण कोरिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट से निवेशकों में घबराहट फैल गई और बिकवाली का सिलसिला शुरू हो गया।

वॉल स्ट्रीट की कमजोरी ने बिगाड़ा माहौल

अमेरिकी बाजार में टेक सेक्टर के शेयर दबाव में रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्फाबेट और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों से जुड़े निवेशकों के बीच वैल्यूएशन को लेकर चिंता बढ़ी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई सेक्टर में लगातार तेजी के बाद अब निवेशक मुनाफावसूली की ओर बढ़ते दिखे। इसका असर अंतरराष्ट्रीय निवेश भावना पर पड़ा और विदेशी निवेशकों ने कई एशियाई बाजारों से पैसा निकालना शुरू कर दिया। दक्षिण कोरिया में भी बड़े पैमाने पर बिकवाली दर्ज की गई, जिससे पूरे क्षेत्रीय बाजार का संतुलन बिगड़ गया।

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आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी मार आईटी सेक्टर पर देखने को मिली। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसे दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन के कारोबार में सबसे कमजोर सेक्टर बनकर उभरा। बाजार जानकारों का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय टेक उद्योग से जुड़ा है। ऐसे में जब विदेशी बाजारों में टेक शेयर दबाव में आते हैं तो उसका असर भारतीय कंपनियों पर भी दिखाई देता है।

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निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये घटे

बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप कुछ ही घंटों में करीब 4.5 से 5 लाख करोड़ रुपये तक कम हो गया। इससे छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट का बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय संकेत हैं। उनका मानना है कि निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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