Manisha Dhanwani
15 Jan 2026
नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता-राजनेता विजय अपनी आगामी फिल्म जन नायकन को लेकर सुर्खियों में हैं। मद्रास हाईकोर्ट से नकारात्मक निर्णय मिलने के बाद फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं की याचिका खारिज करते हुए मामले को पुनः मद्रास हाईकोर्ट में ले जाने का आदेश दिया।
फिल्म के निर्माता सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की मांग करते हुए पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि मामले की सुनवाई मद्रास हाईकोर्ट में ही जारी रहनी चाहिए। कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को चेतावनी दी कि यदि हाईकोर्ट ने 20 जनवरी को सुनवाई की तारीख तय की है, तो इस मामले को वहां ही सुलझाया जाए, न कि सुप्रीम कोर्ट में।
जन नायकन फिल्म को पहले 9 जनवरी को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी न मिलने के कारण इसकी रिलीज़ की तारीख को आगे बढ़ाना पड़ा है। फिल्म के मेकर्स ने बोर्ड से फिल्म को प्रमाणपत्र देने का अनुरोध किया था, लेकिन बोर्ड ने फिल्म के कई सीन पर आपत्ति जताते हुए 27 कट लगाने का सुझाव दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में फिल्म के पक्ष को रखते हुए वकील मुकुल रोहतगी ने बताया कि फिल्म को 9 जनवरी को रिलीज किया जाना था और इसे देशभर के 5000 थिएटरों में दिखाया जाना था। हालांकि, बोर्ड ने उन्हें 10 कट के बाद सर्टिफिकेट देने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चूंकि मामले की सुनवाई मद्रास हाईकोर्ट में हो रही है, इसलिए आपको पहले वहां ही इस पर ध्यान देना चाहिए था, न कि इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना चाहिए था।
पिछले साल अभिनेता विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलग वेत्री कझगम (TVK) की स्थापना की थी, और इस फिल्म को उनकी आखिरी फिल्म माना जा रहा है। जन नायकन को पहले 9 जनवरी 2025 को रिलीज किया जाना था। यह फिल्म 18 दिसंबर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सामने पेश की गई थी। फिल्म के निर्माता मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे, जहां 9 जनवरी को हाईकोर्ट की एकल बेंच ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था। लेकिन इस फैसले के खिलाफ बोर्ड ने याचिका दायर की, और मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी गई। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।