सिवनी में पटवारी ने किया बड़ा फर्जीवाड़ा:किसानों से टैक्स के नाम पर ठगी करने वाले पटवारी पर EOW ने दर्ज की FIR

सिवनी। शुरूआती जांच में करीब 6 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। शिकायतों और विभागीय जांच में कई फर्जी चालान मिलने के बाद EOW ने आरोपी पटवारी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी वर्तमान में घंसौर तहसील में पदस्थ है।
01 मार्च से 31 अगस्त 2024 के बीच किया गया गबन
ईओडब्लू के अनुसार आरोपी ने 01 मार्च 2024 से 31 अगस्त 2024 के बीच किसानों और भू-स्वामियों से लगान, डायवर्सन और अन्य राजस्व मदों के पैसे अपने निजी खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई। इसके बाद उन्हें सरकारी चालान की जगह फर्जी चालान थमा दिए, जबकि संबंधित राशि सरकारी खजाने में जमा ही नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोपी वर्तमान में घंसौर तहसील के हल्का नंबर-25 में पदस्थ है, जबकि इससे पहले वह सिवनी तहसील के हल्का नंबर-11 में पदस्थ था।

शिकायत के बाद खुला पूरा मामला
मामले का खुलासा एकता कॉलोनी निवासी राजकुमार साहू की शिकायत से हुआ। उन्होंने वर्ष 2007 से 2025 तक के संपत्ति कर के रूप में 5,400 रुपये पटवारी को ऑनलाइन दिए थे। बदले में उन्हें जो चालान मिला, उसकी जांच करने पर वह सरकारी पोर्टल पर दर्ज ही नहीं मिला। इसी प्रकार एक अन्य शिकायतकर्ता रामकुमार कुशवाहा को भी 89,550 रुपये का फर्जी चालान देकर ठगी का शिकार बनाया गया।
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जांच में फर्जी निकले चालान
जांच के दौरान तत्कालीन एसडीएम द्वारा जिला कोषालय से चालानों का सत्यापन कराया गया, जिसमें दोनों चालान फर्जी पाए गए। इसके बाद आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई। विभागीय जांच में कई और मामले सामने आए। भू-स्वामी सुनील नाहर से लगान के नाम पर 44,856 रुपये लेने के बाद दिए गए चालानों में भी गड़बड़ी पाई गई।
EOW ने दर्ज किया मामला
शीतल चंद भूरा के नाम पर जारी 5.04 लाख रुपये का चालान भी पूरी तरह फर्जी निकला और सरकारी पोर्टल पर उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आरोपी अरुण कुमार सनोडिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 83/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5), 337, 336(3), 340(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।












