सीहोर-बिलकिसगंज फोरलेन बना मुसीबत! अधूरी सड़क पर लंबा जाम, धूल और गड्ढों से लोग परेशान

सीहोर। सीहोर से बिलकिसगंज के बीच निर्माणाधीन फोरलेन सड़क, जो कभी क्षेत्र के विकास और बेहतर आवागमन की उम्मीद बनी थी, अब लोगों के लिए रोज की परेशानी का कारण बनती जा रही है। शनिवार को इस मार्ग पर एक बार फिर लंबा जाम लग गया। सड़क के अधूरे निर्माण, जगह-जगह डायवर्जन और संकरे रास्तों के कारण वाहनों की कतारें लग गईं। गर्मी, धूल और जाम के बीच राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा।
100 से अधिक गांवों की लाइफलाइन है यह सड़क
सीहोर-बिलकिसगंज मार्ग केवल दो कस्बों को जोड़ने वाली सड़क नहीं, बल्कि आसपास के 100 से अधिक गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों की लाइफलाइन है। ग्रामीण इसी मार्ग से सीहोर पहुंचकर इलाज, शिक्षा, खरीदारी, रोजगार और अन्य जरूरी काम पूरे करते हैं। यही मार्ग सीहोर को राजधानी भोपाल से जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में भी शामिल है। ऐसे में सड़क निर्माण में हो रही देरी का असर हजारों लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
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अधूरा काम और डायवर्जन बढ़ा रहे जाम की मुसीबत
फोरलेन निर्माण के दौरान कई स्थानों पर यातायात को डायवर्ट किया गया है। कई जगह सड़क संकरी हो गई है और एक साथ अधिक वाहन गुजरने पर यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। शनिवार को भी यही स्थिति बनी और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थानीय ग्रामीणों का का कहना है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में भी ऐसी स्थिति लगातार बनती रहेगी।
धूल और गड्ढों से दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान
निर्माणाधीन सड़क पर उड़ती धूल, गड्ढे और जगह-जगह पड़ा निर्माण मलबा वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को धूल के बीच सफर करना पड़ता है। सामने से आने वाले भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क पर धूल का गुबार उठ जाता है, जिससे दृश्यता भी प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
लोगों का सवाल-आखिर कब मिलेगी जाम से मुक्ति?
लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर अब क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीण बने सिंह, दिनेश विश्वकर्मा, संतोष त्यागी सहित वाहन चालकों का कहना है कि लोगों ने बेहतर सड़क की उम्मीद में निर्माण कार्य को सहन किया, लेकिन लंबे समय बाद भी परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर सीहोर-बिलकिसगंज फोरलेन कब पूरा होगा?
निर्माण एजेंसी पर सख्ती और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से निर्माण कार्य की गति बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी को स्पष्ट समय-सीमा देकर काम तेजी से पूरा कराया जाए। जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक डायवर्जन वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, संकेतक और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जनता का कहना है कि विकास के लिए बनने वाली सड़क यदि रोज जाम, धूल और हादसों का डर दे, तो उसकी तकलीफ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।













