Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सतपाल गैंग का गुर्गा कनाड़िया पुलिस की गिरफ्त में: आठ राज्यों में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज

सतपाल गैंग का गुर्गा कनाड़िया पुलिस की गिरफ्त में: आठ राज्यों में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

     शहर की कनाड़िया पुलिस ने एक ऐसे पेशेवर गिरोह के सदस्य को हिरासत में लिया हैं। गिरोह के सदस्य जिस भी शहर जाते तो उसमें चोरी की वारदात के लिए चार पहिया गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे। जिससे किसी भी व्यक्ति को इन पर शक नहीं हो। गैंग द्वारा हरियाणा , पंजाब , राजस्थान सहित देश में की बड़ी चोरी की वारदात अब तक की जा चुकी हैं। पकड़ाए आरोपी को हरियाणा का मोस्टवांटेड सतपाल फौजी का रिशेदार बताया जा रहा हैं।

    रैकी कर करते हैं वारदात -

    इंदौर में कई इलाके में रेकी कर इस गिरोह के सदस्य ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया हैं। कनाड़िया पुलिस अभी आरोपी को चोरी के सामना की उसने किस किस जगह बेचा है उसके लिए टेन शहर के आहार गई हैं । पुलिस इस गिरोह का जल्द खुलासा करेंगी। पकड़ाया आरोपी सतपाल फ़ोजी का रिश्तेदार बताया जा रहा हैं। जिसके साथ रह कर इसे सेकड़ों वारदात देश में कर चुका हैं। 

    100 से ज्यादा नकबजनी की वारदात


     सतपाल फौजी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में 100 से ज्यादा नकबजनी की वारदात को अंजाम दे चुका है. सतपाल गैंग ने राजस्थान के किशनगढ़ के बीकानेर, उदयपुर, जयपुर, महाराष्ट्र, गोवा कर्नाटक समेत कई राज्यों मे वारदात कर चुका हैं।  


    कौन हैं सरगना सतपाल फ़ोजी   -


    इससे पहले अजमेर पूली ने जब फौजी को गिरफ्तार किया था तो उसने कई चौकने वाले खुलासे किए थे उसने पूछताछ मे बताया था कि फौजी की पत्नी ने 2004 में पारिवारिक कारणों के चलते सुसाइड कर लिया था। इसके बाद सतपाल सिंह को दहेज हत्या के मामले में जेल हुई थी। जेल से छूटने के बाद उसने फौजी की नौकरी छोड़ने के बाद हरियाणा स्थित घर लौट गया था। उसने फौजी की नौकरी छोड़ दी थी। करीब वह 8 साल फौजी की नौकरी कर रहा था। सतपाल फौजी ने बताया कि चोरी के लिए यह लोग लग्जरी कार का इस्तेमाल करते थे। इसके साथ ही गूगल पर सर्च कर राज्यों की पॉश कॉलोनियों के बारे में जानकारी जुटाते थे। इसके बाद फौजी के गिरोह के साथ सदस्य यहां रेकी करते और जिन फ्लेट्स या मकानों पर ताले लगे होते उनके बारे में जानकारी जुटा लेते थे। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

    Latest Posts