सतना :करंट लगाकर बाघ का शिकार, मामला छुपाने के लिए जंगल में गड्ढा खोदकर दफनाया शव

सतना। मझगवां वन परिक्षेत्र में बाघ के शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकारियों ने करीब दो महीने पहले करंट लगाकर एक बाघ को मौत के घाट उतार दिया और मामले को दबाने के लिए उसके शव को जंगल के भीतर गड्ढा खोदकर दफना दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस घिनौने अपराध में वन विभाग की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक स्थानीय चौकीदार का परिवार ही शामिल निकला।
मुखबिर की सूचना पर वन विभाग और डॉग स्क्वॉड की टीम ने शुक्रवार को दो चौकीदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।
सूअर मारने बिछाया था तार
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि लगभग दो माह पूर्व जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से जंगल में बिजली का जीआई तार बिछाया गया था, जिसकी चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। डर के मारे आरोपियों ने शव को दफना दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर डीएफओ मयंक चांदीवाल के नेतृत्व में वन अमले ने मौके पर पहुंचकर खुदाई शुरू कर दी है, जहां से बाघ के अवशेष (अस्थि पंजर) बरामद किए जा रहे हैं। वन विभाग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई कर रहा है।
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10 साल में 7 बाघों की मौत
इस घटना ने सतना वनमंडल में बाघों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों (2016 से 2026) में इस वनमंडल के भीतर 7 बाघ अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले सरभंगा और सिंहपुर क्षेत्र से सामने आए हैं।
चौकीदार के परिवार ने तार बिछाने की बात स्वीकारी
मयंक चांदीवाल, डीएफओ, सतना वनमंडल
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