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बरगी क्रूज हादसे का असर:सैलानियों की संख्या घटी, 30 फीसदी तक सिमटा कारोबार

बीती एक मई को बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे की दहशत 60 दिन बीतने के बाद भी पर्यटकों में बनी हुई है। स्थिति ये है कि प्रदेश के सबसे चर्चित और पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस में आने वाले बरगी डैम से बाहर और स्थानीय पर्यटकों ने ही किनारा कर लिया है। पर्यटकों की संख्या कम होने के कारण यहां के रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट, होटल संचालकों और स्थानीय व्यापारियों का व्यापार सिमटकर महज 30 फीसदी तक पहुंच गया है।
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सैलानियों की संख्या घटी, 30 फीसदी तक सिमटा कारोबार
बरगी में घटी पर्यटकों की संख्या

जबलपुर। हादसे के बाद से क्रूज और बोट बंद होने के कारण रिजॉर्ट और टिकट काउंटर में सन्नाटा छाया हुआ है। स्थानीय व्यापारियों के साथ एमपीटी के अधिकारियों का कहना है कि क्रूज हादसे के बाद व्यापार में लगातार गिरावट हो रही है। पहले जहां दिनभर सैलानियों का तांता लगा रहता था, वहीं अब एक से दो या तीन परिवार ही यहां घूमने पहुंच रहे हैं।

स्थानीय व्यापारियों की बढ़ी चिंता

स्थानीय फल विक्रेता पिंकी और रजनी बर्मन ने बताया कि वे यहां पर मौसमी फल जामुन, बेर आदि बेचती हैं। पहले इस सीजन में ग्राहकों की भीड़ होती थी। अब ग्राहकों के लिए राह देखनी पड़ रही है। हादसे के बाद से लोग उतनी संख्या में नहीं आ रहे हैं।

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रिजॉर्ट की बुकिंग में आई भारी गिरावट

एमपीटी बरगी के मैनेजर आनंद मोहर ने बताया कि हादसे से पहले रिजॉर्ट में सैलानियों की संख्या अच्छी थी। यहां 15 रूम हैं, जो लगभग फुल रहते थे। हादसे के बाद अब केवल 2-3 कमरे ही बुक हो रहे हैं। क्रूज और बोट बंद होने से सैलानियों की संख्या बहुत ही कम हो गई है।

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30 फीसदी तक पहुंचा व्यापार 

पर्यटकों की संख्या कम होने के कारण यहां के रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट, होटल संचालकों और स्थानीय व्यापारियों का व्यापार सिमटकर महज 30 फीसदी तक पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक क्रूज और बोट संचालन दोबारा शुरू नहीं होता, तब तक पर्यटकों की संख्या में पहले जैसी बढ़ोतरी की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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