सतना जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

सतना। रीवा में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद अब सतना जिला अस्पताल से भी प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार देर रात जिला अस्पताल में 20 वर्षीय प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने ड्यूटी स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि उल्टी होने के बाद नर्स ने प्रसूता को इंजेक्शन लगाया था। इसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया जिला अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम भी कराया है।
मैहर से रेफर होकर सतना आई थी प्रसूता
जानकारी के अनुसार मैहर जिले के भदनपुर निवासी दीपांजलि साकेत (20) को 16 सितंबर की रात मैहर से रेफर कर सतना जिला अस्पताल लाया गया था। अगले दिन 17 सितंबर को उन्हें प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया गया। शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे दीपांजलि ने लेबर रूम में मृत बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। बताया गया कि उनका ब्लड प्रेशर तेजी से गिरा और सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया लेकिन करीब 11:30 बजे उनकी भी मौत हो गई।
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परिजनों ने नर्स पर लगाया इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने का आरोप
मृतका के पिता राजकुमार साकेत ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी की हालत पहले स्थिर थी। उल्टी होने के बाद नर्स ने उसे इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उसे तेज दर्द हुआ और उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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जांच के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
मामले को लेकर सतना अस्पताल के गायनिक विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में है और मरीज की पूरी केस हिस्ट्री की जांच की जा रही है। उनके मुताबिक प्रसव के बाद महिला की स्थिति गंभीर हो गई थी और डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
डॉ. सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और केस हिस्ट्री की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूता और नवजात की मौत की वजह क्या रही।




















