शादी की जिद पर अड़ी नाबालिग, हाईकोर्ट ने पिता को दी सख्त हिदायत

जबलपुर। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की डिवीजन बेंच के सामने पिता ने भरोसा दिलाया कि बेटी के बालिग होने और सोनू के जेल से छूटने के बाद वह दोनों की शादी कराएंगे। इस पर बेंच ने पिता को सख्त हिदायत दी कि वह अपनी बेटी की शादी किसी और से न करें।
पुलिस ने जामनगर से नाबालिग को किया बरामद
टीकमगढ़ जिले में रहने वाले संतोष ने यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपनी नाबालिग बेटी को न खोजने के आरोप पुलिस पर लगाए थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर टीकमगढ़ पुलिस ने याचिकाकर्ता की बेटी को कोर्ट में पेश किया और पुलिस ने उसे गुजरात के जामनगर से बरामद किया था।
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बेटी ने सोनू लोधी से शादी की रखी शर्त
सुनवाई के दौरान नाबालिग ने कहा कि वह इसी शर्त पर अपने माता-पिता के साथ जाएगी कि वह शादी सोनू लोधी से ही करेगी। पिता ने डिवीजन बेंच के सामने भरोसा दिलाया कि बेटी के बालिग होने और सोनू के जेल से छूटने के बाद वह दोनों की शादी कराएंगे।
बेंच ने पिता को दी सख्त हिदायत
चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की डिवीजन बेंच ने पिता को सख्त हिदायत दी कि वह अपनी बेटी की शादी किसी और से न करें। इस निर्देश के साथ बेंच ने मामले का निराकरण कर दिया।
पिता और बेटी की कराई गई बातचीत
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने इस पूरे मामले को काफी संजीदगी से लिया। बेंच ने पहले पिता और उसकी बेटी की बात कराई और फिर दोनों से एक साथ बात भी की। बेटी की भावना और पिता की रजामंदी को देखते हुए बेंच ने नाबालिग को याचिकाकर्ता के साथ भेजने के निर्देश देकर याचिका का निराकरण कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता योगेश कुमार चौरसिया और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता डॉ. एसएस चौहान हाजिर हुए।




















