MP News :विधानसभा से वेतन और भत्ते नहीं लेंगे मप्र के ये विधायक.. यह है वजह!

भोपाल। विधायक कमलेश्वर डोडियार 10 महीने तक विधानसभा से वेतन और भत्ते नहीं लेंगे। विधायक डोडियार ने बताया कि भोपाल स्थित विधि अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी में एलएलएम कोर्स का नियमित अध्ययन के कारण विधायक के रूप में देय वेतन एवं भत्ते स्वेच्छा से ग्रहण न करने संबंधी आवेदन विधानसभा अध्यक्ष सहित संसदीय कार्य मंत्री, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री सहित मुख्य सचिव मप्र. शासन, विधानसभा प्रमुख सचिव को भी वेतन भत्ते छोड़ने के लिए विधायक डोडियार ने पत्र भेजे।
मई 2027 तक वेतन-भत्ते से इनकार
विधायक डोडियार ने पत्र में उल्लेख किया कि 'मैं कमलेश्वर डोडियार विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 221-सैलाना से निर्वाचित विधानसभा सदस्य हूं। और नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल में एक वर्षीय एलएलएम पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स में अध्ययन एवं शैक्षणिक कार्यों में दिनांक 20 जुलाई 2026 से संलग्न रहूंगा। इस कारण मैं अपनी स्वेच्छा से विधायक के रूप में देय वेतन एवं भत्ते ग्रहण नहीं करना चाहता हूं। आप से अनुरोध है कि कृपया मेरे इस स्वैच्छिक निर्णय को स्वीकार करते हुए, दिनांक 20 जुलाई 2026 से 15 मई 2027 तक नियमित कक्षाओं और परीक्षाओं के चलते मुझे देय विधायक वेतन एवं भत्तों का भुगतान स्थगित करने का कष्ट करें।'
'विधायक के रूप में कर्तव्य निभाते रहूंगा'
विधायक डोडियार ने कहा कि यह निर्णय मैंने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से लिया है। भविष्य में यदि वेतन एवं भत्ते पुनः प्राप्त करने की आवश्यकता होगी, तो इस संबंध में पृथक आवेदन प्रस्तुत करूंगा। अकादमिक सत्र 2026-27 के करीब 10 महीने के दौरान बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया और नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल के उपस्थिति और अध्ययन संबंधी नियमों/शर्तों का पालन करूंगा। साथ ही पढ़ाई और संवैधानिक कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाते हुए प्राथमिकता से विधानसभा सत्र में उपस्थित होकर जनता के हितों के लिए विधायक के रूप में कर्तव्यों के निर्वहन करूंगा।
स्वयं के खर्चे से क्षेत्र में दौरे
सैलाना विधायक नने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में शासकीय कार्यक्रमों और गतिविधियों में भी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए समय-समय में जन समस्याओं पर सुनवाई शासन-प्रशासन से जन हितों के नियमित संपर्क भी बनाए रखने का प्रयास करंगा। उन्होंने बताया कि करीब 10 महीने का वेतन भत्ता छोड़ने के बाद जरूरी समय पर मैं स्वयं के खर्चे से विधानसभा क्षेत्र में दौरे कार्यक्रम और जन सुनवाई जैसे कार्यक्रमों में उपस्थिति आदि सुनिश्चित करूंगा। यह भी कि अध्ययन के दौरान विधानसभा सदस्य के रूप कर्तव्यों का निर्वहन प्राथमिकता से करूंगा।












