सागर में हादसा : पति के महीनों घर नहीं आने से परेशान पत्नी ने 4 बेटियों को कुआं में फेंककर लगाई फांसी

सागर के केसली थाना के ग्राम नन्ही देवरी खामरिया में पुलिस और प्रशासन का डेरा, कुआं से चारों बेटियों के शव बरामद
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सागर में हादसा : पति के महीनों घर नहीं आने से परेशान पत्नी ने 4 बेटियों को कुआं में फेंककर लगाई फांसी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सागर।  मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक मां ने अपनी चार मासूम बेटियों को कुआं में फेंकने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह वाकया बुधवार देर रात का है, लेकिन इसका खुलासा गुरुवार दोपहर को होने के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों की तलाश शुरू की। घटना सागर जिले के केसली थाना क्षेत्र के नन्ही देवरी खमरिया गांव की है।

    पहले तीन बेटियों के शव बावड़ी में मिले, सबसे छोटी बेटी का शव देर से मिला
    जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान सविता बाई (28) और बेटियों अंशिका (7), रक्षा (5) और दीक्षा (3) के रूप में हुई है। तीनों बेटियों के शव पास के कुएं में मिले, जबकि 5 महीने की मनीषा की तलाश में काफी परेशानी आई। गोताखोरों ने बिना रुके तलाश जारी रखी और आखिरकार दोपहर बाद मासूम मनीषा का शव भी मिल गया। 

    बस में सहायक का काम करता है पति, मजदूरी के लिए गया था बाहर
    पुलिस की पूछताद में परिजन ने बताया कि मृतका सविता बाई का पति चंद्रभान लोधी मजदूरी के सिलसिले में बाहर गया हुआ था। चंद्रभान ज्यादातर एक बस में क्लीनर है और महीनों तक घर नहीं लौटता है। घर में मृतका के ससुर और ननद मौजूद थीं। बुधवार रात में खाना खाने के बाद सभी लोग अलग अलग कमरे में सो गए थे। सुबह उठे तो बहू सविता बाई और बच्चियां नहीं मिलीं। 

    पुलिस और घरवालों ने तलाश की तो पेड़ पर लटकी मिली बहू की लाश
    रात को सोने गई बहू और बच्चियों के नहीं मिलने पर पहले तो परिजन को लगा कि कहीं गए होंगे, लेकिन काफी देर तक कोई पता नहीं चला। इसके बाद पड़ोसियों को जानकारी दी गई। तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आसपास के इलाके में खोजने पर महिला की लाश पेड़ में फांसी के फंदे पर लटकी मिली।

    पुलिस की तलाश में बावड़ी में मिले बच्चियों की शव
    इसके बाद पुलिस ने बच्चियों की तलाश शुरू की। बच्चियां की डेडबॉडी कुछ ही दूरी में मौजूद कुआं में मिली। तब बचाव दल और गांववालों ने पानी से 3 बच्चियों के शव एक-एक कर बाहर निकाले, लेकिन सबसे छोटी 5 महीने की बच्ची की डेडबॉडी नहीं मिली। इसके बाद गोताखोरों ने पानी में तलाश जारी रखी और कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव भी बरामद कर लिया गया। 
     
    कई-कई महीनों तक पति के संपर्क नहीं करने से तनाव में थी पत्नी
    घटनाक्रम को लेकर केसली थाना प्रभारी लोकेश पटेल ने बताया कि सविता का पति चंद्रभान लोधी एक साल से गांव से बाहर है। उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। वह कभी-कभी ही संपर्क करता था। इससे उसकी पत्नी सविता बहुत परेशान थी। यह भी सामने आया है कि पति पिछली बार करीब 11 महीने बाद घर आया था, जिसके बाद फिर से चला गया था और उसके बाद से ही उसकी कोई खबर नहीं थी। 

    पुलिस जांच में पति की उपेक्षा और तनाव में पत्नी ने उठाया घातक कदम
    पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतका सविता लोधी ने टेंशन में आकर बच्चों को कुएं में फेंक दिया। इसके बाद पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही सबकुछ स्पष्ट हो पाएगा। वैसे मृतका के ससुर ज्ञानी लोधी 71 वर्ष और पति के नाम पर गांव में 5 एकड़ जमीन भी है, लेकिन पति के महीनों तक घर नहीं लौटने और संपर्क भी नहीं करने से हालात बिगड़ते जा रहे थे। 

    Vijay S. Gaur
    By Vijay S. Gaur

    विजय एस. गौर, पीपुल्स समाचार में रीजनल एडीटर हैं। साथ ही राजनीति, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, खेती-किसानी,...Read More

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