'सेफ क्लिक 2.0' अभियान:बरखेड़ा पठानी में साइबर रथ से नागरिकों को किया जागरूक

पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत भोपाल में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। डीसीपी जोन-2 विकास शाहवाल के नेतृत्व में थाना गोविंदपुरा क्षेत्र के बरखेड़ा पठानी में साइबर रथ के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी दी गई। इस दौरान नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बरखेड़ा पठानी में साइबर रथ से नागरिकों को किया जागरूक

भोपाल। अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड, ओटीपी शेयर करने और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचने के आसान तरीके बताए। साथ ही साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन और साइबर पोर्टल पर शिकायत करने की अपील की गई।

साइबर रथ के जरिए लोगों को किया जागरूक

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सभी को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और हर ऑनलाइन जानकारी की पहले जांच करने की अपील की।

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संदिग्ध लिंक और ओटीपी शेयर करने से बचने की सलाह

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी संदिग्ध क्यूआर कोड या स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करने से बचें। बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जैसे CIF, खाता संख्या, एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर, CVV, OTP और MPIN किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत हेल्पलाइन या बैंक शाखा से ही संपर्क करें। केवाईसी अपडेट भी केवल बैंक की आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही कराएं।

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डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से रहें सावधान

पुलिस ने लोगों को बताया कि साइबर ठग खुद को ट्राई, कस्टम, पुलिस, सीबीआई, आयकर विभाग या बैंक अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, पार्सल में अवैध सामान मिलने, रिश्तेदार की गिरफ्तारी, टैक्स रिफंड, लॉटरी, आसान नौकरी या अधिक मुनाफे वाले निवेश के नाम पर ठगी की जाती है। ऐसे किसी भी कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और बिना जांच किए किसी को पैसे न भेजें। किसी भी तरह के दबाव या लालच में आने से बचें।

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डीपफेक और सोशल मीडिया ठगी से भी किया सतर्क

अभियान के दौरान लोगों को डीपफेक वीडियो, फर्जी वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि अगर किसी परिचित के नाम से कोई संदिग्ध वीडियो कॉल या ऑडियो संदेश आए तो पहले दूसरे माध्यम से उसकी पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध कॉल को तुरंत काट दें और पूरी तरह सत्यापन होने के बाद ही आगे बात करें। सोशल मीडिया पर आने वाले हर संदेश पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

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साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

पुलिस ने नागरिकों से कहा कि यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो समय बर्बाद न करें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल [www.cybercrime.gov.in](http://www.cybercrime.gov.in) या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम के आखिर में लोगों से अपील की गई कि वे खुद जागरूक रहें और अपने परिवार, आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा अदिति बी. सक्सेना, थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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