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रूस ने अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया को दी चेतावनी : विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव बोले- उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य गठबंधन से बचें

रूस ने अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया को दी चेतावनी : विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव बोले- उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य गठबंधन से बचें
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    प्योंगयांग। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे उत्तर कोरिया के खिलाफ कोई सैन्य गठबंधन या सुरक्षा गठजोड़ न बनाएं। लावरोव ने यह बयान उत्तर कोरिया के शहर वोनसान में दिया, जहां उन्होंने देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मुलाकात की।

    रूस और उत्तर कोरिया की गहरी होती दोस्ती

    इस तीन दिवसीय दौरे में लावरोव ने न केवल किम जोंग उन से मुलाकात की, बल्कि उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन हुई से भी बातचीत की। बातचीत के बाद पत्रकारों से चर्चा में लावरोव ने कहा- “हम चेतावनी देते हैं कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के बीच बन रहे संबंधों को किसी तीसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल न किया जाए, खासकर रूस या उत्तर कोरिया के खिलाफ।”

    लावरोव ने कहा कि रूस समझता है कि उत्तर कोरिया क्यों परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा- उत्तर कोरिया के वैज्ञानिकों ने अपनी तकनीक खुद विकसित की है। यह उनकी मेहनत का नतीजा है। हम उनकी महत्वाकांक्षाओं का सम्मान करते हैं।

    अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों पर नाराज़गी

    लावरोव का यह बयान उस वक्त आया है जब अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप के पास संयुक्त हवाई अभ्यास किया, जिसमें अमेरिका के न्यूक्लियर कैपेबल बॉम्बर्स ने हिस्सा लिया। उत्तर कोरिया इस तरह के सैन्य अभ्यासों को हमले की तैयारी मानता है और अपने परमाणु हथियारों को ‘आत्मरक्षा’ का माध्यम बताता है।

    रूस को सैनिक और हथियार दे रहा उत्तर कोरिया

    रूसी एजेंसी TASS और उत्तर कोरिया की सरकारी एजेंसी KCNA के अनुसार,

    • उत्तर कोरिया रूस को यूक्रेन युद्ध में मदद के लिए पहले ही 11,000 सैनिक भेज चुका है।
    • अब और 25,000 से 30,000 सैनिक भेजने की तैयारी है।
    • बदले में रूस उसे सैन्य तकनीक और आर्थिक मदद दे रहा है।

    नई डिफेंस डील

    पिछले साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उत्तर कोरिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच एक नई रक्षा संधि हुई थी। इस संधि के तहत- अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा और दोनों मिलकर जवाब देंगे। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने इस डील को ‘एलायंस’ नाम दिया।

    अमेरिका और सहयोगियों को नई डील से चिंता

    दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान को डर है कि रूस उत्तर कोरिया को ऐसी उन्नत तकनीक दे सकता है जो उसके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को और भी खतरनाक बना सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये गठबंधन क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

    वोनसान में हुई खास बैठक

    यह ऐतिहासिक बैठक उत्तर कोरिया के वोनसान शहर में हुई, जहां हाल ही में एक नया भव्य समुद्री रिसॉर्ट बना है। रूसी विदेश मंत्री ने कहा – “मुझे विश्वास है कि रूसी पर्यटक यहां जरूर आना चाहेंगे। हम इसके लिए सुविधाएं बढ़ाएंगे।” किम जोंग उन पर्यटन को उत्तर कोरिया की कमजोर अर्थव्यवस्था को सहारा देने के जरिये के तौर पर देख रहे हैं।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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